विधायक राकेश सिंघा स्कूलों में मिड डे मील कर्मचारियों को भुगतान न होने के विषय पर ध्यानाकर्षण प्रस्ताव लाएंगे। नियम 130 के तहत जगत सिंह नेगी, मोहन लाल ब्राक्टा और नंन लाल प्रदेश की आर्थिकी को मजबूत करने के लिए बागवानी को बढ़ावा देने के विषय पर चर्चा करेंगे।
हिमाचल प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र का तीसरा दिन भी हंगामेदार रहने के आसार हैं। सोमवार को कांग्रेस के कई विधायकों की ओर से लगे पुलिस कांस्टेबलों के रिवाइज पे बैंड के सवाल पर सरकार से जवाब मांगा जाएगा। वहीं, सदन के बाहर करूणामूलक आधार पर नौकरी की मांग कर रहे युवा गरजेंगे। दोनों ही विषयों पर लंबे समय से बवाल चल रहा है और मुख्यमंत्री भी सदन में नहीं होंगे। ऐसे में इस विषय पर पक्ष-विपक्ष के बीच टकराव होना तय है।
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प्रश्नकाल में पिछले तीन साल के दौरान हुई बसों की खरीद, विधायक प्राथमिकता की लंबित डीपीआर, शिक्षा विभाग में पीईटी के पदों को भरने और आशा कार्यकर्ताओं को कोविड भत्ता देने जैसे सवाल के जरिये भी कांग्रेस सरकार को घेरेगी। स्वास्थ्य सेवाओं की मजबूती को लेकर हुई चर्चा पर स्वास्थ्य मंत्री सोमवार को सदन में जवाब देंगे।
वहीं, विधायक राकेश सिंघा स्कूलों में मिड डे मील कर्मचारियों को भुगतान न होने के विषय पर ध्यानाकर्षण प्रस्ताव लाएंगे। नियम 130 के तहत जगत सिंह नेगी, मोहन लाल ब्राक्टा और नंन लाल प्रदेश की आर्थिकी को मजबूत करने के लिए बागवानी को बढ़ावा देने के विषय पर चर्चा करेंगे। विधायक जेआर कटवाल एचआरटीसी की कार्यप्रणाली व पिछड़े क्षेत्रों में बस सेवा का मुद्दा उठाएंगे।
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पहले दो दिन भी मुश्किल रहे थे हालात
शीत सत्र के पहले दो दिन भी सरकार के लिए बेहद कठिन रहे थे। पहले ही दिन विपक्ष जहां सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव ले आया था। वहीं, दूसरे दिन उसने सिपाहियों के रिवाइज पे बैंड के मुद्दे पर जमकर हंगामा किया था। उधर, सदन के बाहर सवर्ण आयोग की मांग कर रहे हजारों प्रदर्शनकारियों और दूसरे दिन ओल्ड पेंशन स्कीम लागू करने की मांग कर रहे हजारों कर्मचारियों के आगे सरकार को झुकना पड़ा था और अधिसूचना तक जारी करनी पड़ी थी।