हिमाचल विधानसभा का बजट सत्र वीरवार से शुरू होने जा रहा है। इसकी शुरुआत सुबह 11 बजे राज्यपाल आचार्य देवव्रत के अभिभाषण के साथ होगी। बजट सत्र के इस बार खूब हंगामेदार होने के आसार हैं। प्रदेश में अगले वर्ष विधानसभा चुनाव के मद्देनजर इस बजट सत्र को कई मायनों में अहम माना जा रहा है।
प्रदेश में पीलिया के प्रकोप और भूमि अधिग्रहण पर मुआवजा जैसे मुद्दे भी सदन को गर्माएंगे। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह आठ मार्च को 19वीं बार बतौर वित्त मंत्री बजट पेश करेंगे। इस बार के बजट पर सभी की निगाहें टिकी हैं। हिमाचल की 12वीं विधानसभा का यह 11वां सत्र 25 फरवरी से शुरू होकर सात अप्रैल तक चलेगा। इसमें कुल 25 बैठकें होंगी। वर्ष 2015-16 का अनुपूरक बजट 29 फरवरी को पारित होगा।
मुख्यमंत्री 8 मार्च को 2016-17 का बजट पेश करेंगे, जिसे चर्चा के बाद 31 मार्च को पारित किया जाएगा। विधानसभा अध्यक्ष बृज बिहारी लाल बुटेल ने बताया कि इस सत्र के लिए अब तक 645 तारांकित और 236 अतारांकित प्रश्न सदस्यों से मिले हैं। इनमें 40 फीसदी प्रश्न ऑनलाइन मिले हैं। ज्यादातर सवाल पीलिया, जंगली जानवरों, बस अड्डों के निर्माण, स्वास्थ्य संस्थानों, खाली पदों से संबंधित हैं।
नियम 130 के तहत चर्चा के लिए पांच प्रस्ताव मिले हैं। इनमें शिमला में पीलिया फैलने, प्रदेश में पर्यावरण क्लीयरेंस नहीं मिलने के कारण विधायक प्राथमिकता योजनाओं के फंसने, शानन विद्युत प्रोजेक्ट और हाई वे के लिए भूमि अधिग्रहण पर मुआवजे से जुड़े मामले शामिल हैं। इसके अलावा सदन में कई विधेयकों को पारित करने के साथ विभिन्न विषयों पर चर्चा होगी।