विधानसभा के बजट सत्र के चौथे दिन बुधवार को भी कांग्रेस के विधायकों ने प्रश्नकाल से पहले हंगामा करने के बाद वाकआउट कर दिया। 26 फरवरी को चार मिनट के भीतर सदन बुलाने पर आपत्ति जताते हुए कांग्रेस के विधायकों ने पांच विधायकों के निलंबन को रद्द करने की मांग उठाई। इस दौरान कांग्रेस के विधायक जगत सिंह नेगी बोले कि हम हनुमान, स्पाइडरमैन या बैताल नहीं हैं, जो उड़कर चार मिनट में सदन में पहुंच जाते।
विधानसभा अध्यक्ष की ओर से प्रश्नकाल शुरू करने की घोषणा पर कांग्रेस विधायकों ने नारेबाजी शुरू कर दी। सरकार पर एकतरफा कार्रवाई करने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस विधायक सदन से बाहर चले गए। इसके बाद प्रश्नकाल की कार्यवाही विपक्ष की गैर मौजूदगी में हुई। वहीं नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री समेत निलंबित पांच कांग्रेस विधायक हिमाचल प्रदेश विधानसभा परिसर के मुख्य द्वार के बाहर नारेबाजी करते रहे।
इनके साथ कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर भी धरने पर बैठे। बुधवार सुबह 11 बजे विधानसभा की कार्यवाही शुरू होते ही कांग्रेस विधायक जगत सिंह नेगी ने प्वाइंट ऑफ ऑर्डर के तहत कहा कि 26 फरवरी को 11:16 बजे सदन सोमवार दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित हुआ था, लेकिन 12:50 बजे सदन दोबारा बुला लिया गया। हमें 12:46 बजे इसकी जानकारी दी गई। उन्होंने कहा कि सदन स्थगित होने पर कई विधायक परिसर से चले गए थे।
चार मिनट में सदन बुलाने का कोई औचित्य नहीं था। देश-प्रदेश में ऐसा कभी नहीं हुआ। दोबारा सदन बुलाने के लिए कम से कम 48 घंटे का समय मिलता है। उन्होंने कहा कि सरकार ने तानाशाही रवैया अपनाते हुए कांग्रेस विधायकों के खिलाफ एकतरफा कार्रवाई की है। हमें सुने बिना सजा सुनाई गई। पहले सदन में पांच कांग्रेस विधायकों को निलंबित किया गया। उसके बाद मार्शल के माध्यम से पुलिस में एफआईआर दर्ज करवाई गई।
उन्होंने कहा कि इस तरह से तो फांसी भी नहीं लगती। धारा 124 यानी देशद्रोह की धारा सदस्यों पर लगाई गई है। विधायक नेगी ने कहा कि क्या हम पाकिस्तानी या चीनी हैं। एफआईआर दर्ज करवाना सदन की अवमानना है। जब तक हमारी बात नहीं सुनी जाएगी, तब तक सदन नहीं चलेगा। इस पर विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि मैं नियमों के तहत व्यवस्था दूंगा। अब प्रश्नकाल शुरू होगा। इस पर कांग्रेस विधायकों ने नारेबाजी शुरू करते हुए सदन से वाकआउट कर दिया।