माकपा विधायक राकेश सिंघा
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माकपा विधायक राकेश सिंघा ने कहा कि बजट दस्तावेज दिशाहीन और भ्रमित करने वाला है। राजस्व बढ़ाने का कोई प्रयास नहीं हुआ है। सरकार जब तक आर्थिक संसाधन नहीं जुटाएगी, तब तक प्रदेश की जनता के साथ न्याय नहीं कर सकती। सिंघा मंगलवार को बजट पर चर्चा में हिस्सा ले रहे थे। कहा कि हिमाचल के जंगलों की कीमत 21 लाख करोड़ है, लेकिन इसके एवज में प्रदेश को आज तक केंद्र से कोई रायल्टी नहीं मिली।
प्रदेश सरकार ने केंद्र से यह मामला नहीं उठाया। सुप्रीमकोर्ट के फैसले के बावजूद बीबीएमबी से अपना 7.19 हिस्सा लेने में सरकार नाकाम रही। कोरोना से लड़ने की सरकार की रणनीति सही न होने से प्रदेश की आर्थिकी तबाह हो गई है। कृषि और बागवानी बुरी तरह प्रभावित हुई है।
विधायक मोहन लाल ब्राक्टा ने कहा कि बजट में ऐसा कुछ नहीं है, जिसके लिए इसे सराहा जाए। महंगाई चरम पर है, लेकिन बजट में जिक्र नहीं है। मेंहदली सब्जी मंडी का काम कांग्रेस सरकार के समय से चल रहा है। पब्बर चैनलाइजेशन प्रोजेक्ट भी पूर्व कांग्रेस सरकार का है। विधायक बिक्रम सिंह जरयाल ने बजट को ऐतिहासिक बताया। कहा कि बजट में हर वर्ग को लाभ मिला है।
विधायक इंद्रदत्त लखनपाल ने कहा कि बजट नई अटैची में पुराने कपड़े भरने जैसा है। प्रदेश में डबल इंजन की सरकार कर्ज लेने के सभी रिकॉर्ड तोडे़गी। कांग्रेस ने कोरोना काल में 13 करोड़ का बिल दिया, जो तथ्यहीन है। सरकार के पास इसका तथ्य है, तो सदन में रखे। आज एक्सटेंशन दी जा रही है।
विधायक जीतराम कटवाल ने सरकार की योजनाओं का उल्लेख किया और बजट की सराहना की। विधायक लखविंद्र राणा ने कहा कि वाहन ऑपरेटरों को राहत दी जानी चाहिए। खनन के लिए नई नीति होनी चाहिए। विधायक जवाहर ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री ने टैक्स फ्री बजट पेश किया। विनय कुमार ने कहा कि नल, नौकरी और एयरपोर्ट तक सभी मंडी को दिए और सिरमौर वाले कहां जाएंगे। रीना कश्यप ने कहा कि कहा कि बजट में हर वर्ग का ध्यान रखा गया है।