हिमाचल प्रदेश कैबिनेट की बैठक गुरुवार को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में शिमला में आयोजित की गई। बैठक में रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य के अलावा कर्मचारी वर्ग के लिए कई बड़े फैसले लिए गए हैं। अलग-अलग विभागों में 1,300 पदों पर भर्ती को हरी झंडी दी गई है। कैबिनेट बागवानों और फल उत्पादकों को राहत प्रदान करने के लिए 15 जुलाई से एचपीएमसी के माध्यम से बिकने वाली पैकेज सामग्री कार्टन और ट्रे की खरीद पर 6 प्रतिशत उपदान प्रदान करने का निर्णय लिया गया। एचपीएमसी को इसके लिए 10 करोड़ रुपये का अनुदान प्रदान किया
वहीं, राज्य के विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों के शैक्षणिक, कार्मिक और अकादमिक स्टाफ के लिए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) की संशोधित वेतनमान योजना को लागू करने को स्वीकृति प्रदान की। 1 जनवरी 2016 से 31 मार्च 2022 तक संशोधित यूजीसी वेतनमान से अनुमानित 337 करोड़ रुपये का वित्तीय भार पड़ेगा। वर्ष 2021-22 के लिए इस मद में वार्षिक 113 करोड़ रुपये का अनुमानित व्यय होगा और चालू वित्तीय वर्ष की शेष अवधि के लिए यह 75 करोड़ रुपये होगा। प्रदेश के कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में कार्यरत करीब 3,200 शिक्षकों की कई माह से लंबित यूजीसी पे स्केल मिलेगा।
बेलदारों के 452 पदों को पंप ऑपरेटरों में बदला, न्यूनतम किराया घटाया
कैबिनेट ने जल शक्ति विभाग में बेलदार के 452 पदों को पंप ऑपरेटरों में बदलने और 31 दिसंबर 2020 तक 12 वर्ष या इससे अधिक नियमित सेवाकाल पूरा कर चुके जल रक्षकों, जिन्होंने शैक्षणिक योग्यता पूरी नहीं की है, उन्हें विभाग में शामिल करने का भी निर्णय लिया। कैबिनेट ने राज्य में यात्रियों को सुविधा प्रदान करने के दृष्टिगत अब स्टेज कैरेज बस सेवाओं के तहत पहले दो किलोमीटर तक न्यूनतम बस किराया वर्तमान सात रुपये से घटाकर पांच रुपये करने को स्वीकृति प्रदान की। सीएम जयराम ठाकुर ने 30 जून को धर्मशाला कॉलेज के सभागार में राज्यस्तरीय कार्यक्रम ‘नारी को नमन’ के दौरान न्यूनतम किराया घटाकर पांच रुपये करने की घोषणा की थी।