भविष्य के इंजीनियर अपना नाम लिखना नहीं जानते। एमबीए के छात्र भी इसी श्रेणी में आते हैं। ऑनलाइन परीक्षा फॉर्म भरने के दौरान दो दर्जन से अधिक इंजीनियर और एमबीए के विद्यार्थियों ने अपना नाम ही गलत लिख दिया। इस कारण सोमवार को उन्हें परीक्षा देने में परेशानी हुई।
परीक्षा केंद्रों पर रखी परीक्षार्थियों की सूची में उनका नाम ही था। इस पर लिस्ट से बाहर होने वाले विद्यार्थियों ने केंद्र अधीक्षक से इसकी शिकायत की। केंद्र अधीक्षक ने टेक्निकल यूनिवर्सिटी हमीरपुर से संपर्क साधा और पहचान पत्र तथा बैंक का चालान दिखाने के बाद उन्हें परीक्षा हाल में बैठने की परमिशन मिल पाई।
सोमवार को टेक्निकल यूनिवर्सिटी की इंजीनियरिंग, बी-फार्मेसी, एमबीए, एमफार्मेसी और एमटेक की पहले, तीसरे, पांचवें और सातवें सेमेस्टर की वार्षिक परीक्षाएं आरंभ हुई। यूनिवर्सिटी ने प्रदेश के सभी 32 परीक्षा केंद्रों पर इंटरनेट के जरिए आनलाइन प्रश्नपत्र भेजने की व्यवस्था की हुई थी।
हमीरपुर के एक प्राइवेट कॉलेज में बिजली आपूर्ति बाधित होने से ऑनलाइन प्रश्नपत्र नहीं पहुंच पाए। यहां विवि ने मैनुअल तरीके से ही प्रश्नपत्रों की व्यवस्था की। प्रदेश के तीन परीक्षा केंद्रों में आनलाइन सुविधा के बावजूद पासवर्ड में तकनीकी परेशानी खड़ी हो गई। टेक्निकल यूनिवर्सिटी ने दावा किया है कि प्रदेश में एक भी कॉलेज ऐसा नहीं जहां देरी से परीक्षा शुरू हुई।
सोलन जिले में चल रहे एक निजी इंजीनियरिंग कॉलेज के प्रवक्ता मांगों को लेकर हड़ताल पर चले गए हैं। इस कारण सोमवार को विवि की परीक्षाओं के संचालन में शुरूआती दौर पर हल्की परेशानी आई। कॉलेज प्रबंधन ने अन्य कॉलेजों से स्टाफ की व्यवस्था कर परीक्षा का संचालन करवाया। इसके साथ ही कॉलेज ने इसकी जानकारी टेक्निकल यूनिवर्सिटी को भी दे दी है। बताया जा रहा है कि कुछ कॉलेज प्रवक्ताओं की प्रबंधन ने छुट्टी कर दी है, जिस कारण शेष प्रवक्ता हड़ताल पर हैं।
हमीरपुर के एक कालेज में बिजली आपूर्ति गुल होने से मैनुअल प्रश्नपत्र उपलब्ध करवाए गए। 20 विद्यार्थियों ने परीक्षा फॉर्म पर गलत नाम भरा था, जिनका परीक्षार्थियों की लिस्ट में नाम नहीं था, लेकिन पहचान पत्र समेत अन्य जरूरी कागजात दिखाने के बाद परीक्षा की परमिशन दी गई। -डा. वीपी पटियाल, परीक्षा नियंत्रक, टेक्निकल यूनिवर्सिटी हमीरपुर