हिमाचल प्रदेश सचिवालय कर्मचारी सेवाएं संगठन की गेट मीटिंग में सरकार और सचिवालय प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। राज्य सचिवालय कर्मचारी सेवाएं संगठन ने कर्मचारियों के छठे वेतन आयोग की सिफारिश में वेतन विसंगतियां दूर करने और सचिवालय में वरिष्ठ सहायकों के भर्ती एवं पदोन्नति नियमों को शीघ्र अधिसूचित करने की मांग उठाई। संगठन ने सरकार से आश्वासन मिलने के बाद अनिश्चितकालीन गेट मीटिंग स्थगित कर दी है।
शुक्रवार को सचिवालय परिसर में संगठन के प्रधान भूपिंद्र सिंह (बॉबी) की अध्यक्षता में गेट मीटिंग की गई। इसमें कर्मचारियों की विभिन्न मांगों को लेकर वक्ताओं ने अपने विचार भी रखे। पहले दिन की गेट मीटिंग के बाद अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त प्रबोध सक्सेना और प्रधान सचिव सचिवालय प्रशासन भरत खेड़ा ने संगठन के पदाधिकारियों को वार्तालाप के लिए बुलाया।
सरकारी ने कहा कि कर्मचारियों के तीसरे विकल्प 15 प्रतिशत की अधिसूचना को जारी कर दी है। संगठन नेताओं ने कहा कि लिपिकों के लिए पे स्केल के अनुसार निर्धारित करने और प्रारंभिक वेतन मांगे हैं। संगठन ने अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त को ज्ञापन दिया है।
संगठन नेताओं ने कर्मचारियों को 3 प्रतिशत महंगाई भत्ते की किश्त जारी करने और कर्मचारियों को 15 प्रतिशत के थर्ड ऑप्शन देने के लिए मुख्यमंत्री, अतिरिक्त मुख्य सचिव और प्रधान सचिव का आभार जताया है। उम्मीद जताई है कि भविष्य में भी कर्मचारियों की मांगों को पूरा किया जाएगा।
इस मौके पर कार्यकारिणी के वरिष्ठ उप-प्रधान चानण मेहता, महासचिव महेश कुमार, उप प्रधान राजेंद्र सिंह (मियॉं), संयुक्त सचिव, महेंद्र सिंह, कोषाध्यक्ष, संजय कुमार और कार्यकारिणी सदस्य रमेश चंद, दीपिका ठाकुर, अमर सिंह, विनोद कुमार, मनोज शर्मा, विजय कुमार, नवनीत कुमार, कुलदीप सिंह और रक्षित कुमार भी उपस्थित रहे।