महासंघ के बैनर तले कर्मचारियों ने गांधी चौक पर एकत्रित होकर प्रदर्शन किया।
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हिमाचल प्रदेश संयुक्त कर्मचारी महासंघ का महासम्मेलन रविवार को हमीरपुर के टाउन हाल में हुआ। इसमें सभी विभागों के कर्मचारी नेताओं, शिक्षकों और कर्मचारियों ने भाग लिया। महासम्मेलन में हिमाचल प्रदेश संयुक्त कर्मचारी महासंघ की प्रदेश कार्यकारिणी के 10 पदाधिकारियों ने भाग लिया। मुख्य रूप से प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र चौहान, महासचिव हीरालाल वर्मा, मुख्य संगठन सचिव कुलदीप खरवाड़ा, मुख्य सलाहकार विनोद ठाकुर, वित्त सचिव खेमेंद्र गुप्ता, उपाध्यक्ष अरविंद मेहता, संगठन सचिव शमशेर सिंह ठाकुर, तिलक नायक, मनोज शर्मा, जगमेल ठाकुर, अरुण कानूनगो, समर चौहान, पंकज, राजेश गौतम, हाकम राणा आदि प्रमुख रहे।
सर्वसहमति से फैसला लिया कि 3 मार्च को महासंघ शिमला में छठे वेतन आयोग की त्रुटियों पर खुलकर बात रखेगा। प्रस्ताव पारित किया कि हिमाचल सरकार पंजाब के वेतन आयोग को शत-प्रतिशत लागू करे। 15 फीसदी वृद्धि वाले विकल्प से होने वाले नफा नुकसान के बारे में भी कर्मचारियों को जागरूक किया। महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र चौहान और महासचिव हीरालाल वर्मा ने बताया कि 15 फीसदी वाला विकल्प केवल वर्ष 2000 के बाद लगे 5910 के पे बैंड वाले कर्मचारी ही ऑप्ट कर पाएंगे।
अधिसूचना के माध्यम से सरकार ने यह तो साफ किया कि किसी तरह का एरियर कर्मचारियों को नहीं दिया जाएगा। इस संदर्भ में कुछ भी नहीं बताया गया कि क्या इनकी रिकवरी भी माफ कर दी जाएगी। यह भी स्पष्ट किया गया कि इस 15 फीसदी के विकल्प से कौन सा कर्मचारी पंजाब से कितना पीछे अभी भी चल रहा है। हमीरपुर टाउन हॉल से जिलाधीश कार्यालय तक एक विरोध रैली निकाली।
महासंघ के बैनर तले कर्मचारियों ने गांधी चौक पर एकत्रित होकर प्रदर्शन किया। प्रदेश संयुक्त कर्मचारी महासंघ का यह संघर्ष तब तक जारी रहेगा जब तक हिमाचल प्रदेश के समस्त कर्मचारियों को उनके लाभ नहीं दिलाया जा सके। यदि जरूरत हुई तो विधानसभा का घेराव भी किया जाएगा और इसी कड़ी के साथ 6 मार्च से सिरमौर, बिलासपुर, कुल्लू में विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।