भाजपा के सांसद रहे राजन सुशांत ने धर्मशाला में प्रेस वार्ता कर कांग्रेस-भाजपा के खिलाफ हिमाचल रीजनल अलायंस (एचआरए) को लांच करने का एलान किया है। यह गठबंधन 2022 के अंत में होने वाले हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनावों में एकजुट होकर कांग्रेस और भाजपा के खिलाफ चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी में है
पंजाब विधानसभा चुनावों के एग्जिट पोल में आम आदमी पार्टी की जीत के संकेतों के बीच हिमाचल प्रदेश में भी तीसरे मोर्चे को आकार देने की कवायद तेज हो गई है। भाजपा के सांसद रहे राजन सुशांत ने धर्मशाला में प्रेस वार्ता कर कांग्रेस-भाजपा के खिलाफ हिमाचल रीजनल अलायंस (एचआरए) को लांच करने का एलान किया है।
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यह गठबंधन 2022 के अंत में होने वाले हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनावों में एकजुट होकर कांग्रेस और भाजपा के खिलाफ चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी में है। सुशांत ने कहा कि हिमाचल के सभी राजनीतिक दलों का इस गठबंधन में स्वागत है। उनसे पूछा गया कि क्या यह तीसरा मोर्चा आम आदमी पार्टी के साथ गठबंधन करेगा, तो उन्होंने इस संभावना को साफ तौर पर नकार दिया।
राजन सुशांत कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना की बहाली की मांग को लेकर धरने पर भी बैठे हैं। पुरानी पेंशन बहाली की मांग पर उन्होंने अपनी विधायक पेंशन को भी छोड़ दिया है।
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उन्होंने फतेहपुर उपचुनाव भी लड़ा, जिसमें हार का सामना करना पड़ा था। कांगड़ा संसदीय क्षेत्र से भाजपा के सांसद रहे राजन सुशांत पार्टी से इस्तीफा देकर आम आदमी पार्टी के राज्य अध्यक्ष बने। 2017 के विधानसभा चुनावों में आम आदमी पार्टी के निराशाजनक प्रदर्शन के बाद उन्होंने आम आदमी पार्टी से भी किनारा कर लिया था। हालांकि राजन सुशांत ने जब हिमाचल रीजनल अलायंस (एचआरए) के गठन का ऐलान किया, तो उस दौरान उनके साथ प्रदेश का कोई भी बड़ा नेता मौजूद नहीं था।