फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दिव्यांगों के जीवन में खुशियों के रंग भर रहे वासिक शेख

Sat, 19 Oct 2019 01:31 PM IST
अरविन्द ठाकुर पंकज तन्हा, अमर उजाला, नाहन (सिरमौर)
विज्ञापन
- फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

आधुनिक चकाचौंध से दूर और सामाजिक ताने-बाने से बेफिक्र होकर भी समाज के लिए कुछ किया जा सकता है। नाहन के एक ऐसे ही प्रतिभावान युवा कलाकार 30 वर्षीय वासिक शेख घर में पड़ी बेकार वस्तुओं से सजावटी सामान बनाने में माहिर हैं। उनकी इस कला को खूब सराहा जा रहा है। उन्होंने अपनी इस कला को समाजसेवा का जरिया बना लिया है। वह शहर के आस्था स्पेशल स्कूल के दिव्यांग बच्चों को चित्रकारी सिखा रहे हैं।

विज्ञापन


लंबे अर्से से इस कार्य में लगे हैं। उनका सहयोग आस्था संस्थान में स्वयं सेवी के रूप में कार्य रही मोमिना, विदुषी व अंजना भी कर रही हैं। वासिक शेख को शहर के लोग युवा व्यवसायी के रूप में जानते हैं। बहुत कम लोगों को पता है कि उनके अंदर एक ऐसा प्रतिभाशाली चित्रकार है, जो घर में बेकार पड़ी वस्तुओं में रंग भरकर उन्हें सजावटी बना रहे हैं। वासिक एक्रेलिग पेंटिंग, ऑयल पेंटिंग भी करते हैं। ग्लास कलर का भी बखूबी उपयोग करते हैं।

Trending Videos
विज्ञापन

वह दूसरी कक्षा से ही पेंटिंग कर रहे हैं। वासिक खाली बोतलें, डिब्बों, बल्ब, टायरों, ऊन, अंडे की बाहरी परत, कंकरों, रस्सी पर रंगों का उपयोग कर सजावटी व कुर्सी, टेबल जैसे उपयोगी सामान बनाते हैं। वह दिल्ली में कई प्रदर्शनी भी लगा चुके हैं। अपना यही हुनर वह अब आस्था स्कूल के दिव्यांग बच्चों को भी सिखा रहे हैं। उनका सपना इन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।

यही कारण है कि वासिक ने पहले उनको बेकार की वस्तुओं से उपयोगी सजावटी सामान बनाना सिखाया, अब उन्हें कपड़े और कागज पर की जाने वाली चित्रकारी के गुर सिखा रहे हैं। दो दिन पहले आस्था स्कूल में लगी दिव्यांगों की कला प्रदर्शनी में भी ऐसे ही सामान को रखा गया, जिसे लोगों ने खूब पसंद किया।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें