प्रदेश में विभिन्न स्तर के पदों पर कार्यरत कर्मचारियों और अधिकारियों को अब फिक्स टेन्योर से पहले नहीं हटाया जा सकेगा। तबादले की आशंका और डर का काम की गुणवत्ता पर असर पड़ता देख मुख्यमंत्री कार्यालय ने यह फैसला लिया है। फैसले के तहत सामान्य कार्यकाल पूरा होने से पहले केवल चुनिंदा कारणों के चलते ही तबादला हो सकेगा। इसके अलावा मुख्यमंत्री की ओर से विशेष रेफरेंस आने पर ही तबादले का प्रस्ताव बनेगा।
वैसे तो सामान्य तबादलों पर प्रतिबंध है, लेकिन प्रतिबंध हटने के दौरान तथा प्रतिबंध के दौरान विशेष आग्रह वाले तबादलों के कई प्रस्ताव मुख्यमंत्री कार्यालय को भेजे जा रहे हैं। हिमाचल में वैसे तो दो से तीन साल का सामान्य कार्यकाल माना जाता है, लेकिन मुख्यमंत्री कार्यालय में जिन तबादला प्रस्तावों को भेजा जा रहा है, उनमें बड़ी संख्या में ऐसे प्रस्ताव भी शामिल है, जिनमें जिनका तबादला प्रस्तावित है, उनका सामान्य कार्यकाल भी पूरा नहीं हुआ है।
ऐसे कई मामलों के सामने आने के बाद मुख्यमंत्री की ओर से निर्णय लिया गया है कि कोई भी विभाग तय कार्यकाल पूरा होने से पहले किसी कर्मचारी या अधिकारी का तबादला प्रस्तावित नहीं करेगा। सिर्फ मुख्यमंत्री के निर्देश, पदोन्नति, रिटायरमेंट, शिकायत, विभागीय या विधिक कार्रवाई या प्रशासनिक कारण होने पर ही तबादला प्रस्तावित होगा। मुख्यमंत्री कार्यालय ने इस संबंध में सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों और सभी बोर्ड निगम के एमडी व सीईओ को निर्देश जारी कर दिए हैं।