स्पीति के छोटा दड़ा में बर्फ के बीच बिना लैंडिंग ही वायुसेना के जांबाज अधिकारियों ने तीन बच्चों समेत दस लोगों को एयरलिफ्ट किया। यहां हेलीकॉप्टर को लैंड नहीं किया जा सकता था।
वीरवार शाम को छतड़ू से निकाले गए 4 लोगों को मनाली के निकट सासे हेलीपैड पर उतारा। वायु सेना के ऑपरेशन को विंग कमांडर एसके आहुजा कोऑर्डिनेट कर रहे हैं, जबकि रोहतांग टनल होकर बसों और निजी वाहनों से करीब 350 लोग मनाली पहुंचे।
बीआरओ की टीम ने कैप्टन इशान के नेतृत्व में कोकसर से बुधवार रात्रि पैदल ही रेस्क्यू अभियान चलाकर सात लोगों को सुरक्षित मनाली पहुंचाया। करीब 12 घंटे तक कई फीट बर्फ में बीआरओ जवान और अधिकारियों ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया, जिन्हें मनाली में उपचार दिया गया।
रोहतांग टनल होकर छह एचआरटीसी बसें, एक निजी बस, 70 एलएमवी वाहन मनाली पहुंचे। जिलाधीश कुल्लू यूनुस ने बताया कि कुल्लू पहुंचाए लोगों को क्षेत्रीय अस्पताल में प्राथमिक उपचार दिया जा रहा है।
बीआरओ कमांडर कर्नल एके अवस्थी ने बताया कि बीआरओ टीम ने सात लोगों को कोकसर से सुरक्षित मनाली पहुंचाया। जर्मन के तीन, नेपाल के छह, केरल के दो, दिल्ली के 11, पंजाब के दो, गुजरात के तीन, महाराष्ट्र के आठ, बंगलूरू के दो, गुजरात के पांच, अरुणाचल के दो, बिहार के एक, देहरादून के पांच, लुधियाना के चार, हरियाणा के चार, जम्मू-कश्मीर के एक, कुल्लू के दो, सिरमौर का एक, बिलासपुर का एक, मंडी के तीन, यूपी के पांच, हैदराबाद का एक, कोलकाता का एक और चंडीगढ़ के एक व्यक्ति को एयरलिफ्ट किया गया।
जिले के होली इलाके में पिछले पांच दिनों से फंसे छात्र-छात्राओं और स्टाफ सदस्यों को वीरवार को रेस्क्यू कर लिया गया। प्राथमिक पाठशालाओं की जिलास्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता में हिस्सा लेने आए यह सभी खराब मौसम के चलते फंस गए थे।
सुबह नौ बजे रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। 416 छात्र-छात्राओं और 321 स्टाफ सदस्यों को पहले पैदल और फिर गाड़ियों के जरिए जिला मुख्यालय पहुंचाया गया। यहीं से सभी को घरों को भेज दिया गया।
वहीं, पांगी ब्लॉक के बच्चों को नेवी के दो हेलीकॉप्टरों से एयरलिफ्ट कर वीरवार शाम साढ़े चार बजे पांगी के लिए रवाना किया गया। जानकारी के अनुसार वीरवार सुबह नौ बजे के करीब तीसा, कल्हेल, सलूणी, सुंडला, बनीखेत, चुवाड़ी और सिंहुता ब्लॉकों के बच्चों को होली बस स्टैंड पहुंचाया गया।
यहां से इन्हें गाड़ियों से त्यारी पुल पहुंचाया गया। त्यारी पुल से आगे बच्चे छोटी गाड़ियों से जिला मुख्यालय चंबा पहुंचाया गया। जिसके बाद विभिन्न ब्लॉकों के बच्चों को छोटी गाड़ियों और बसों से घरों को भेज दिया गया।
गौरतलब है कि होली में 20 से 23 सितंबर तक जिलास्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए 399 छात्र और 417 छात्राएं पहुंचीं थीं।
इनके साथ 401 शिक्षक व अन्य स्टाफ सदस्य मौजूद थे।23 सितंबर को भारी बारिश के चलते बच्चे और स्टाफ होली में ही फंस गए थे। जिलाधीश चंबा हरिकेश मीणा ने बताया कि वीरवार को रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया।
छात्र-छात्राओं को सुरक्षित निकाल कर छोटी गाड़ियों व बसों से उनके घरों के लिए रवाना किया गया। पांगी ब्लॉक के बच्चों को हेलीकॉप्टर के जरिए पांगी भेजा गया है।
ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क में घूमने गए सभी सैलानी सुरक्षित हैं। पर्यटकों को रेस्क्यू कर शाक्टी लाया गया है। इसके बाद इन्हें मुख्य सड़क तक लाया जाएगा। ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क घूमने पर्यटक संजीवा पांडे के साथ कुल 10 लोग निकले थे। इन्हें ट्रैकिंग करते हुए शाक्टी आना था।
अचानक भारी बारिश के कारण ये पर्यटक फंस गए। इनके रेस्क्यू के लिए नेशनल पार्क प्रबंधन द्वारा टीम गठित की गई। टीम शाक्टी के ढेल पहुंची, जहां से सभी पर्यटकों को शाक्टी लाया गया। ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क के अरण्यपाल अजित ठाकुर ने कहा है कि सभी पर्यटक सुरक्षित हैं।