बैठक में सरकार को विधि अधिकारियों ने सुझाव दिया है कि संविधान ने हर विभाग के कार्य अधिकार क्षेत्र तय किए हैं। इसके दायरे से बाहर जाकर कोई भी काम नहीं किया जा सकता। भारतीय संविधान के अनुच्छेद के 226 के तहत यह अधिकार सभी विभागों को दिए हैं।
इसे आधार बनाकर चुनौती देने की राय विधि अधिकारियों ने दी है। माना जा रहा है कि अब सरकार हाईकोर्ट में एनजीटी के फैसले को चुनौती देने के लिए संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत यह पूछेगी कि ढाई मंजिलें भवनों के निर्माण के आदेश किस आधार पर दिए गए हैं? जबकि अनुच्छेद 226 के तहत सभी विभागों के कामों का बंटवारा किया गया है। हिमाचल प्रदेश टीसीपी एक्ट 1977 के तहत भवनों के निर्माण को मंजूरी दी जा रही है।