गौर रहे कि कालका-शिमला नेशनल हाईवे पांच का इससे पहले 01 अगस्त को सड़क का हिस्सा पूरी तरह से ढह गया था। जिसके बाद एक सप्ताह तक कुमारहट्टी से परवाणू तक हाईवे पूर्ण रूप से बंद रहा था। इस कारण चंडीगढ़ से शिमला और शिमला से चंडीगढ़ आने-जाने वाले वाहनों को वैकल्पिक सड़क मार्गों से भेजा जा रहा था। वहीं फोरलेन निर्माण कर रही कंपनी और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की टीम लगातार फोरलेन को खोलने का प्रयास कर रही थी।
जैसे ही दोनों छोर मिलाने का प्रयास होता था चक्कीमोड़ में फिर पहाड़ी दरक जाती थी। जिसके बाद सड़क बनाने की योजना में बदलाव किया गया और मंगलवार दोपदर बाद सड़क पर से हल्के वाहनों के लिए खोला गया। तीन दिन तक हाईवे छोटे वाहन, पिकअप, अनलोड केंटर के लिए पूरी तरह सही चला। लेकिन वीरवार रात फिर चक्कीमोड़ पर हाईवे बंद हो गया। जिसके बाद हाईवे आठ घंटे बाद खोला गया है।
कालका-शिमला नेशनल हाईवे पांच पर चक्कीमोड़ से 10 दिनों से बड़े ट्रक नहीं भेजे जा रहे हैं। इन ट्रकों को शुक्रवार को यहां से भेजने का प्लान था लेकिन अब फिर वही हालात हो गए हैं। शुक्रवार को भी कुमारहट्टी-नाहन-चंडीगढ़ सड़क से ही ट्रकों की आवाजाही हो रही है।
वीरवार देररात को बारिश के चलते कालका शिमला नेशनल हाईवे बंद हो गया था। जिसे शुक्रवार सुबह करीब 11:30 बजे तक छोटे वाहनों और बसों के लिए खोल दिया गया। बारिश से यहां पर बार-बार मलबा गिरने से दिक्कतें आ रही हैं। - मनमोहन शर्मा, उपायुक्त सोलन