चिट्टे का सेवन करने वाले एचआईवी की चपेट में आ रहे हैं। पहले नशेड़ी मुंह से चिट्टे का सेवन करते थे लेकिन अब सिरिंज का साझा इस्तेमाल करने से लोग बीमारी से ग्रस्त हो रहे हैं। हिमाचल के 16 से 45 आयु वर्ग के 60 फीसदी युवा बीमारी की चपेट में हैं। बीते साल चिट्टे के सेवन से एचआईवी पॉजीटिव रोगियों का आंकड़ा 7.22 फीसदी था। इस साल यह आंकड़ा बढ़कर 20 फीसदी तक जा पहुंचा है। नशा मुक्ति केंद्रों और जेलों में भी कैदी इसकी चपेट में है। वर्ष 2024-25 में रोगियों की संख्या 5,897 थी। 2025-26 में यह आंकड़ा बढ़कर 6,490 पहुंच गया है। बीते साल की अपेक्षा मरीजों के आंकड़े में 593 की वृद्धि हुई है। इस बीमारी का सबसे अधिक प्रभाव युवा और कामकाजी उम्र के लोगों पर पड़ रहा है।
| कांगड़ा | 1,722 |
| हमीरपुर | 1,071 |
| मंडी | 794 |
| ऊना | 707 |
| बिलासपुर | 468 |
| शिमला | 335 |
| सोलन | 326 |
| कुल्लू | 299 |
| चंबा | 196 |
| सिरमौर | 159 |
| किन्नौर | 30 |
| लाहौल-स्पीति | 12 |
हिमाचल प्रदेश में एड्स को लेकर जागरूकता अभियान चलाया गया है। एनजीओ की भी मदद ली जा रही है। हिमाचल के हर एड्स कंट्रोल सोसाइटी के कर्मचारी प्रदेश के कोने कोने में जाकर मामलों को पकड़ रहे हैं। कई लोग ऐसे पाए गए जिन्हें बीमारी का पता नहीं था। 20 साल बाद इन्हें पता चलता था। ऐसे में दवाइयां देकर इन्हें सुरक्षित किया गया है।- राजीव कुमार, निदेशक, एड्स कंट्रोल सोसाइटी