प्रदेश उच्च न्यायालय ने सोलन स्थित प्रतिष्ठित लॉरेंस स्कूल सनावर पर एक छात्र से फीस की बकाया विवादित राशि लेने पर रोक लगाने के आदेश पारित किए हैं। न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान व न्यायाधीश ज्योत्स्ना रिवाल दुआ की खंडपीठ ने एक अभिभावक की याचिका पर प्रारम्भिक सुनवाई करते हुए यह आदेश पारित किए। मामले की सुनवाई बीस जुलाई को होगी।
प्रार्थी के अनुसार उनका बेटा सोलन के इस बोर्डिंग स्कूल में पढ़ता है। याचिकाकर्ता के अनुसार जनवरी में 6,36,200 रुपये की फीस दो किस्तों में देय थी। पहली किस्त 4,01,700 रुपये की थी। इसका भुगतान 15 फरवरी से पहले किया गया था। 2,34,500 रुपये की दूसरी किस्त 15 जुलाई को या उससे पहले दी जानी थी।
प्रार्थी के अनुसार स्कूल 15 फरवरी को खोला गया और बच्चे को विश्वव्यापी कोरोना महामारी के कारण 17 मार्च को घर ले जाया गया। इस बीच राज्य सरकार की ओर से उच्च शिक्षा निदेशालय ने 27 मई को आदेश जारी कर निजी स्कूलों को ट्यूशन शुल्क के अलावा कोई शुल्क नहीं लेने का निर्देश जारी किया। प्रार्थी के अनुसार स्कूल ने 3 जुलाई को फीस की बकाया राशि 2,34,500 रुपये की बजाय 1,70,800 रुपये की मांग की।
बकाया शुल्क में केवल 63,700 रुपये की कटौती की गई। स्कूल ने 6 अप्रैल को ऑनलाइन कक्षाएं शुरू कीं, जिसमें 20 में से 30 छात्रों की नियमित कक्षाओं की तुलना में एक बार में 120 छात्रों के चार वर्गों को शामिल किया गया। लॉकडाउन के चलते छात्र को कोई अन्य सुविधा नहीं दी गई।