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कोर्ट के आदेश पर अब शिकंजे में आए बड़े कब्जाधारक

Wed, 02 Mar 2016 12:39 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
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छोटे बागवानों के बगीचे काटने के बाद अब हाईकोर्ट के आदेशों पर वन विभाग दस बीघा से अधिक जमीन पर कब्जा करके बैठे बड़े बागवानों पर कार्रवाई करने जा रहा है। कोर्ट में सुनवाई के बाद 77 कब्जाधारकों के सेब बगीचे काटने जा रहा है। वन विभाग की इस तैयारी से बागवानों में हड़कंप मच गया है।
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वन विभाग एक साल तक छोटे बागवानों के बगीचे काटता रहा। वन मंडल रोहडू में विभाग ने एक साल में दस बीघा से कम भूमि पर 345 लोगों के कब्जे हटाए हैं। इनमें अधिकांश गरीब तथा कम भूमि वाले छोटे बागवान शामिल हैं। वन मंडल रोहडू में ही 404 बागवान दस बीघा ऊपर कब्जा करने वालों की सूची में हैं।

अवैध अतिक्रमण के दस बीघा से कम वाले 1378 मामले वन विभाग के पास दर्ज हैं। विभाग के पास कुल 1787 मामले अब तक की सूची में है। बताया जा रहा है कि दस बीघा से ऊपर के दर्जनों मामले अभी तक वन विभाग की सूची से बाहर है।
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ऐसे लोगों ने न तो भूमि नियमित करने के लिए आवेदन किया और न ही वन विभाग के पास इनकी कोई शिकायत है। वन विभाग ने रोहडू में बीते दो सप्ताह की कार्रवाई के दौरान दस बीघा से अधिक के केवल आठ कब्जे हटाए हैं।

दस बीघा से अधिक के 77 अवैध कब्जों को हटाने के आदेश सुनवाई के बाद जारी किए गए हैं। दस बीघा से अधिक के 404 में से 327 मामलों पर सुनवाई चल रही है। डीएफओ चौपाल अश्विनी कुमार ने कहा 183 कब्जों का निपटारा हो चुका है और मामलों की सुनवाई चल रही है।

64 लोगों के कब्जे वन विभाग ने छुड़ा दिए हैं। डीएफओ रोहडू चमल लाल राव ने कहा दस बीघा से ऊपर वाले अब तक आठ लोगों के कब्जे हटाए गए हैं। 77 मामलों को हटाने के आदेश हो चुके हैं। दूसरे मामलों पर सुनवाई चल रही है।

दस बीघा से अधिक कब्जे के मामले चौपाल वन मंडल में- वन मंडल चौपाल में अभी तक केवल 64 लोगों के कब्जे हटे हैं। चौपाल वन विभाग के पास 702 अवैध कब्जे के मामले दर्ज हैं। इसमें दस बीघा से ऊपर के 324 मामले हैं।

प्रदेश उच्च न्यायालय की ओर से रोहडू तथा चौपाल के डीएफओ के तबादलों पर लगी रोक तथा तीन महीने में दस बीघा से अधिक भूमि वाले कब्जे को हटाने के आदेशों के बाद पूरे क्षेत्र में बड़े अवैध कब्जाधारकों में हड़कंप मचा हुआ
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है। राजनीतिक पहुंच वाले बडे़ कब्जाधारक आंदोलन की रणनीति बना रहे हैं। इसको लेकर बैठकों का दौर भी शुरू हो चुका है।
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