शास्त्री अध्यापकों की भर्ती के लिए बीएड शैक्षणिक योग्यता को अनिवार्य करने की मांग को लेकर दायर याचिकाओं में प्रदेश हाईकोर्ट ने अपने अंतरिम आदेशों में संशोधन करते हुए सरकार को शास्त्री के 10 पद खाली रखते हुए बाकी पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी रखने के आदेश दिए हैं। प्रदेश हाईकोर्ट ने 1 जुलाई 2020 को शास्त्री के 1182 पदों की भर्ती पर रोक लगा दी थी।
यह भर्तियां 19 फरवरी 2020 की अधिसूचना के तहत करवाई जा रही हैं। हाईकोर्ट ने शास्त्री अध्यापकों के भर्ती नियमों को चुनौती देने संबंधी याचिका में दिए आदेशों में स्पष्ट किया है कि 10 पदों के अलावा भर्ती प्रक्रिया को जारी रखें। न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान व न्यायाधीश ज्योत्सना रेवाल दुआ की खंडपीठ ने अपने आदेशों में यह भी स्पष्ट किया कि भर्तियां नियमों के अनुसार ही की जाएं।
मामले के अनुसार सरकार द्वारा शास्त्री पदों पर भर्ती की जा रही है जिनमें बीएड अनिवार्य नहीं है। याचिकाकर्ताओं ने चुनौती दी है कि ये भर्ती नियम कानून के विपरीत है और ये शिक्षा के अधिकार व मौलिक अधिकारों के विपरीत हैं। प्रदेश सरकार अपनी मर्जी से बीएड की अनिवार्यता को खत्म नहीं कर सकती। मामले पर सुनवाई 3 मार्च को होगी।