51 हजार करोड़ के कर्ज में डूबी प्रदेश की जयराम सरकार अब फिर से 500 करोड़ का कर्ज लेगी। चालू वित्तीय वर्ष में 2800 करोड़ रुपए का कर्जा लिया जा चुका है। इससे पहले मौजूदा सरकार ने मई, 2018 में 800 करोड़ और जून, 2018 में 700 करोड़ का कर्ज उठाया है ताकि सरकार के खर्चे पूरे किए जा सकें। राज्य सरकार भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) से ट्रेजरी बांड से ऋण लेने को कमर कस ली है।
मालूम प्रदेश सरकार लंबे समय से वित्तीय संकट से जूझ रही है और सरकार के खर्चे कम नहीं हो पा रहे। बताते हैं कि सरकार नवंबर में फिर से कड़की से जूझ रही है और वित्तीय संसाधन जुटाने के लिए ऋण लिया जा रहा है। मौजूदा जयराम सरकार सत्ता पर आने के बाद से करीब दो हजार करोड़ के ऋण ले चुकी है और अब फिर से सरकार 500 करोड़ के ऋण लेने के लिए तैयारी कर चुकी है। इस ऋण के लिए आरबीआई से हरी झंडी मांगी जा रही ताकि सरकार इस वित्तीय वर्ष के खर्चों को पूरा कर सके।