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वर्षों पहले छोड़ी फसलों की पैदावार के लिए प्रोत्साहित किए जाएंगे किसान

Mon, 08 Feb 2021 11:25 AM IST
अरविन्द ठाकुर विपिन काला, अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
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किसान- सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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हिमाचल प्रदेश में वैकल्पिक फसलों का उत्पादन बढ़ाने के लिए सरकार ने जिले चिह्नित किए हैं। इन जिलों के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में खेतीबाड़ी करने वाले किसानों को सरकार ऐसी फसलें उगाने के लिए बीज उपलब्ध कराने के साथ प्रशिक्षण भी देगी। प्रदेश के अधिकांश किसान पिछले कई वर्षों जो फसलें उगाना छोड़ चुके हैं, उन्हें दोबारा इन्हें उगाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।

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किसान गेहूं, जौ, तिल, दालें, धान, गन्ना के साथ आलू और अन्य सब्जियों का उत्पादन करते हैं। एक ही फसल बार-बार लेने से कई समस्याएं झेलनी पड़ रही हैं। खेतों में मिट्टी की उर्वरक शक्ति भी कम हो रही है और कई प्रकार के वायरस भी फसलों को प्रभावित करते हैं। फसलों को बाजार में अच्छे दाम भी नहीं मिल पाते हैं। इन बातों को ध्यान में रखकर सरकार किसानों को उन वैकल्पिक फसलों को उगाने के लिए प्रोत्साहित कर रही है, जो लंबे समय से नहीं उगाई जा रही हैं।

पहले चरण में सिरमौर, चंबा और शिमला जिले के अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों के किसानों को ऐसे फसलों के बीज और प्रशिक्षण दिया जाएगा। कृषि निदेशक डॉ. नरेश कुमार बधान ने कहा कि सरकार किसानों को परंपरागत फसलों के अलावा उन फसलों को उगाने के लिए प्रोत्साहित कर रही है, जो किसानों ने उगानी छोड़ दी हैं। सरकार किसानों को प्रशिक्षण भी देगी।
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ये फसलें उगाने को प्रोत्साहित किए जाएंगे किसान 
सिरमौर, चंबा और शिमला जिले के किसानों को चौलाई, कोदा, फांफरा, ओगला आदि फसलें उगाने के लिए प्रोत्साहित करेंगे। इनकी बाजार में मांग भी बढ़ रही है और फसलों के दाम अच्छे मिलेंगे।

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