हिमाचल में जयराम सरकार अब कर्मचारियों के तबादलों के खेल को खत्म करने जा रही है। सबसे अधिक कर्मचारियों वाले शिक्षा विभाग में तबादलों के लिए एक्ट का मसौदा तैयार कर दिया गया है।
हिमाचल प्रदेश एजूकेशन (रेगुलेशन ऑफ ट्रांसफर ऑफ टीचर) एक्ट -2018 के मसौदे के अनुसार पांच साल से ज्यादा समय तक कोई भी शिक्षक एक स्कूल या कॉलेज में नहीं रहेगा। दुर्गम क्षेत्रों से शिक्षक तीन साल के बाद ट्रांसफर हो सकेंगे। म्यूचुअल ट्रांसफर (आपस में तबादला) नहीं हो सकेगा। तबादलों की दृष्टि से हिमाचल के 5 जोन बनाए जाएंगे।
नौकरी के दौरान हर जोन में शिक्षक को सेवाएं देना अनिवार्य होगा। मार्च में शुरू हो रहे प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र में इस एक्ट को सदन में रखा जाएगा। हिमाचल प्रदेश एजूकेशन (रेगुलेशन ऑफ ट्रांसफर ऑफ टीचर) एक्ट-2018 के तहत प्रदेश को पांच जोन ए, बी, सी, डी और ई में बांटा गया है।
ए और बी जोन प्रदेश के सुगम क्षेत्र होंगे, जबकि सी, डी और ई दुर्गम, अति दुर्गम और जनजातीय क्षेत्र में आएंगे। ए और बी जोन के सुगम क्षेत्रों में सेवाएं दे रहे स्कूल-कॉलेज शिक्षकों को कम से कम पांच साल और अति आवश्यक होने पर सात साल के बाद बदला जाएगा।
सी, डी और ई जोन में सेवाएं दे रहे शिक्षकों के तीन साल बाद तबादले होंगे। शिक्षकों के आपसी (म्यूचुअल) ट्रांसफर करवाने का फार्मूला एक्ट के तहत पूरी तरह बैन होगा। सेवानिवृत्ति को दो साल बचे हैं तो भी शिक्षक ट्रांसफर नहीं होंगे। विभाग ने एक्ट के मसौदे को फाइनल कर शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज को भेज दिया है। अब मंत्री एक्ट पर मुख्यमंत्री से चर्चा करने के बाद बजट सत्र में पेश करेंगे।
शैक्षणिक सत्र के बीच नहीं होगा तबादला
एक्ट के मुताबिक शीतकालीन स्कूलों में शिक्षकों के तबादले पहली फरवरी से 15 फरवरी के बीच होंगे। ग्रीष्मकालीन स्कूलों में तबादले 22 मार्च से पहली अप्रैल के बीच होंगे। शीतकालीन से ग्रीष्मकालीन और ग्रीष्मकालीन से शीतकालीन स्कूलों में तबादले 22 मार्च से पहली अप्रैल के बीच होंगे। शैक्षणिक सत्र के बीच शिक्षकों को तबादले नहीं होंगे। इससे जहां स्कूलों में पढ़ाई प्रभावित नहीं होगी, वहीं शिक्षकों में भी साल भर तबादले करवाने की होड़ समाप्त होगी।
भाजपा शासित राज्य फॉलो कर रहे हैं यह एक्ट
साफ्टवेयर के माध्यम से शिक्षकों के तबादले करने का एक्ट भाजपा शासित कई राज्यों ने अपनाया है। पड़ोसी राज्य हरियाणा इस एक्ट को बखूबी चला रहा है। अब जयराम सरकार पर भी एक्ट को लागू करने का दबाव है।
तबादले करने को मांगे जाएंगे पसंद के सेंटर
शिक्षकों को सरकार जबरदस्ती किसी क्षेत्र में स्थानांतरित नहीं करेगी। तबादले से पहले सरकार शिक्षकों से उनकी पसंद के सेंटर भी पूछेगी। जो शिक्षक सेंटर नहीं बताएंगे, उन्हें पूरे प्रदेश में कहीं भी भेजा जा सकेगा।
यह शिक्षक आएंगे एक्ट की जद में
जेबीटी, क्राफ्ट एंड वोकेशनल, टीजीटी, हेडमास्टर, पीजीटी, प्रिंसिपल (स्कूल-कॉलेज), असिस्टेंट और एसोसिएट प्रोफेसर तबादला एक्ट की जद में आएंगे। जिला कैडर वाले शिक्षकों को जिलों में और स्टेट कैडर के शिक्षकों को पूरे प्रदेश में कहीं भी भेजा जा सकेगा।
ऑनलाइन होंगे शिक्षकों के तबादले
नब्बे हजार शिक्षकों के तबादले करने के लिए शिक्षा विभाग ने महाराष्ट्र की कंपनी से ऑनलाइन तबादले करने का साफ्टवेयर तैयार करवाया है। इस एक्ट को बनाने के लिए हरियाणा, उत्तराखंड, और महाराष्ट्र के एक्ट को स्टडी किया गया है।