हिमाचल प्रदेश सिरमौर जिला के दाया कुहंट पंचायत के सुंदराड़ी गांव में 48 वर्षीय अमर सिंह की रविवार सुबह तेज बुखार से मौत हो गई।
तेज बुखार से पीड़ित अमर सिंह को दो दिन पूर्व ही शिलाई अस्पताल में भर्ती किया था। बुखार न उतरने पर इन्हें 108 एंबुलेंस की मदद से पांवटा अस्पताल ले जाया जा रहा था।
मगर टिंबी के समीप रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया। चिंता इस बात की है कि क्षेत्र में तेज बुखार से चार लोगों की मौत हो चुकी है। इससे ग्रामीण दहशत में हैं।
शिलाई अस्पताल के डा. इशान ने बताया कि रविवार सुबह तेज बुखार से पीड़ित अमर सिंह को पांवटा के लिए 108 की मदद से रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में ही इन्होंने दम तोड़ दिया।
कई लोग अभी भी अस्पताल में भर्ती
उन्होंने बताया कि रविवार को भी तेज बुखार से पीड़ित अस्पताल में भर्ती अन्य ग्रामीणों में शिलाई निवासी कमला देवी (40), आशा (36), प्रियंका (19), प्रोमिला (17), बसंती (33), कमला (30), छूछा राम (70), पुनिया राम (65) आदि शामिल हैं। इन्हें नियमित दवाइयां दी जा रही हैं। इसकी जानकारी बीएमओ को भी दी जा रही है।
उधर, मुख्य चिकित्साधिकारी नाहन डा. हरमोहिंदर सिंह ने कहा कि यदि क्षेत्र में एक माह के भीतर चार लोगों की तेज बुखार से मौत हुई है तो इसकी रिपोर्ट क्षेत्र के बीएमओ से तत्काल तलब की जाएगी। गांव में मेडिकल टीम भेजी जाएगी।
एक महीने में इन लोगों की हुई मौत
शिलाई क्षेत्र के कांडो भटनोल पंचायत के पारली गांव निवासी निम्मो देवी (42) और झकाडों पंचायत के अनिल कुमार (38), धारवा गांव के सुंदर सिंह के पुत्र अंकित (5) और रविवार को सुंदराड़ी गांव के अमर सिंह की एक माह के भीतर तेज बुखार से मौत हो चुकी है।
लगातार तेज बुखार से हो रही मौतों से स्थानीय लोग खौफ में हैं। यही वजह है कि थोड़े से बुखार की शिकायत होने पर वह लोगों को अस्पताल में भर्ती किया जा रहा है।
मगर अभी तक स्वास्थ्य महकमा इस बुखार की पहचान नहीं कर पा रहा है। उल्लेखनीय है कि प्रदेश में स्क्रब टायफस के मामले भी सामने आ रहे हैं। जानकार कहीं न कहीं इस बुखार को स्क्रब टायफस भी मान रहे हैं। मगर पुख्ता टेस्ट रिपोर्ट आने के बाद ही इसके सही कारणों का पता चल पाएगा।