बिजली बोर्ड मुख्यालय कुमार हाउस में तैनात कर्मचारी यूनियन के पांच पदाधिकारियों के तबादले का मामला गर्मा गया है। कर्मचारी यूनियन ने तबादला आदेश रद्द नहीं करने पर 22 अक्तूबर को शिमला में प्रदर्शन करने की चेतावनी दी है। यूनियन ने बोर्ड मुख्यालय में ट्रांसफर माफिया के सक्रिय होने का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से मामले में हस्तक्षेप की मांग की है।
यूनियन के अध्यक्ष कुलदीप सिंह खरवाड़ा ने आरोप लगाया कि बोर्ड प्रबंधन ने प्रताड़ना की भावना से पदाधिकारियों के तबादले किए हैं। कहा कि यूनियन का गठन वर्ष 1971 में हुआ। तब से अब तक कई सरकारें आई और गईं, लेकिन किसी भी सरकार ने यूनियन में उच्च पदों पर आसीन पदाधिकारियों को कभी भी जानबूझ कर प्रताड़ित नहीं किया। अब प्रबंधन वर्ग ने यूनियन के लोकतांत्रिक अधिकारों पर सीधा हमला बोला है।
कहा कि आज बिजली बोर्ड में ट्रांसफर माफिया सक्रिय है, जो कर्मचारियों को तबादलों के नाम पर डरा धमकाकर माहौल खराब कर रहा है। कहा कि बोर्ड प्रबंधन संबंधित विंग के अधिकारियों को नजर अंदाज कर सीधे शाखाओं के कार्यालय आदेश अपने कार्यालय से जारी कर रहा है, जो पहले कभी नहीं हुआ। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि इन कर्मचारियों की इस तरह की गतिविधियों पर लगाम लगाई जाए और इनके इशारों पर किए गए सभी तबादलों को रद्द किया जाए। उन्होंने कहा कि बोर्ड प्रबंधन कर्मचारियाें की मांगो का निराकरण करने में बुरी तरह से विफल रहा है।
28 व 29 सितंबर को हमीरपुर में हुए यूनियन के अधिवेशन में कड़ा संज्ञान लिया गया। चार अक्तूबर को बोर्ड प्रबंधन को लंबित मांगे पूरी करने के लिए 15 दिन का नोटिस दिया गया। इसी बीच प्रबंधन ने पदाधिकारियों के तबादले कर दिए। उधर, बोर्ड के प्रबंध निदेशक जेपी कालटा ने बताया कि प्रबंधन ने किसी को भी प्रताड़ित नहीं किया है। प्रक्रिया के तहत तबादले किए गए हैं।
इन पदाधिकारियों के हुए हैं तबादले
बोर्ड मुख्यालय कुमार हाउस में नियुक्त यूनियन के प्रदेश महासचिव हीरालाल वर्मा को केलांग, मुख्यालय अध्यक्ष देवेंद्र कुमार शर्मा को बिलासपुर, उपाध्यक्ष हेमराज को अंब, संयुक्त सचिव अनिल कैंथला को ज्वाली और उप महासचिव अशोक कुमार शर्मा का तबादला किया गया है।