कार में हेलमेट न पहनने का खामियाजा कार मालिक को करीब 1500 रुपये खर्च कर भुगतना पड़ा है। पुलिस विभाग की लापरवाही से कटे कार के चालान पर न्यायालय ने कोई रकम तो वसूल नहीं की, लेकिन परागपुर से धर्मशाला आने-जाने पर ही करीब 1500 रुपये खर्च हो गए। बिना हेलमेट कार चलाने पर चालक बृज मोहन गौतम को भेजे समन पर वह धर्मशाला पहुंचे।
सुबह करीब 10 बजे जिला न्यायालय धर्मशाला स्थित मोबाइल ट्रैफिक मजिस्ट्रेट के कोर्ट में बृजमोहन गौतम सबसे पहले ट्रैफिक मजिस्ट्रेट के रीडर से मिले। उन्होंने गौतम को साढ़े ग्यारह बजे कोर्ट में पेश होने को कहा। इस पर टहलने चले गए। दोबारा कोर्ट पहुंचे तो पौने 12 बजे के करीब रीडर ने गौतम से कहा कि आपकी पेशी का समय निकल गया है। रीडर ने कार की आरसी की छायाप्रति मांगी और उनसे एक कागज पर हस्ताक्षर करवाकर भेज दिया।
बृज मोहन ने कहा कि यदि उन्हें ट्रैफिक मजिस्ट्रेट से मिलने का समय मिलता तो वे न्याय की गुहार लगाते। वह पुलिस की लापरवाही से जरूरी कार्य छोड़कर धर्मशाला पहुंचे हैं। इससे समय के साथ धन की भी बर्बादी हुई। उन्होंने पुलिस अधीक्षक विमुक्त रंजन से आग्रह किया है कि वे यातायात पुलिस को सख्त दिशा-निर्देश जारी करें।
यह था मामला
कांगड़ा पुलिस ने एक कार (एचपी 36सी 3962) को बिना हेलमेट कार चलाने पर चालान भरने के लिए समन जारी किया था। इसमें कहा था कि कार चालक बृजमोहन निवासी परागपुर ने पहली मई, 2019 को कार में बैठकर बिना हेलमेट पहनकर सिग्नल क्रॉस किया था। इसकी एवज में चालान कटा था। चालान को भरने की तिथि चार अक्तूबर थी। अमर उजाला ने इस समाचार को प्रमुखता से उठाया था। इसके चलते पेशी के दौरान कार चालक को बिना कोई रकम भरे क्लीयरेंस मिली है।