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दिव्यांग ने पैर से डाला वोट, ब्रांड एंबेसेडर मुस्कान ने रोहड़ू में किया मतदान

Fri, 10 Nov 2017 12:55 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रंगस (हमीरपुर)/शिमला/मंडी
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हमीरपुर में दिव्यांग राजेश कुमार ने पैर से मतदान किया तो चुनाव आयोग की ब्रांड एंबेसेडर मुस्कान ने रोहड़ू में मतदान किया। ग्राम पंचायत नौहंगी के बूथ नंबर 30 नरयाह में दिव्यांग राजेश कुमार ने पैर से मतदान किया। 
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राजेश कुमार की दोनों बाजू नहीं हैं। बावजूद इसके वह अपने पैरों से मतदान करने के लिए पहुंचे। राजेश ने एनआईटी हमीरपुर से बीटेक का डिप्लोमा किया है। 
 
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आईटी प्रवक्ता हैं राजेश

वर्तमान में वह राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बसारल में आईटी प्रवक्ता हैं। उन्होंने अपनी पढ़ाई के दौरान लिखने का काम भी पैरों से किया है। वह खाना भी पैरों की उंगलियों से चम्मच पकड़कर खाते हैं। मतदान प्रक्रिया के दौरान भी उन्होंने अपने पैरों से हस्ताक्षर कर ईवीएम मशीन में बटन दबाया।

मुस्कान ने पहली बार दिया वोट

भारतीय चुनाव आयोग की ब्रांड एंबेसेडर दृष्टिबाधित छात्रा मुस्कान ठाकुर ने रोहड़ू विधानसभा क्षेत्र के सिंघासली में मतदान किया। उन्होंने लोगों को वोट डालने के लिए प्रेरित किया। मुस्कान ने ब्रेल लिपि का इस्तेमाल कर ईवीएम पर वोट के लिए अपने पसंदीदा प्रत्याशी के चुनाव को बटन ढूंढा और इसे दबाया।

मुस्कान ने कहा कि पहली बार वोट डालना उनके लिए गौरवशाली क्षण रहा। मुस्कान एक उदीयमान गायिका भी हैं। मुस्कान हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में एमए संगीत की छात्रा हैं और उमंग फाउंडेशन की सदस्य भी हैं।

भारतीय चुनाव आयोग ने युवा मतदाताओं को प्रोत्साहित करने के लिए उन्हें ब्रांड एंबेसेडर घोषित किया था। विगत 25 सितंबर को शिमला के गेयटी थियेटर में एक विशेष समारोह में भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त एके ज्योति ने उन्हें सम्मानित भी किया था।


उसने युवाओं को मतदान के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से कई शिक्षण संस्थानों में कार्यक्रम किए और युवाओं को शपथ दिलाई। उमंग फाउंडेशन के अध्यक्ष प्रो. अजय श्रीवास्तव ने बताया कि इस बार चुनाव आयोग ने दृष्टि बाधित और अन्य विकलांग मतदाताओं के लिए अच्छे प्रबंध किए।

दृष्टि बाधित मतदाताओं को ब्रेल के माध्यम से चुनाव में प्रत्याशियों के नाम ढूंढने में कोई मुश्किल नहीं आई। इससे उनके मत की गोपनीयता भी बनी रही। जब मतपत्रों या वोटिंग मशीनों में ब्रेल का इस्तेमाल नहीं होता था तो दृष्टिबाधित मतदाताओं के साथ गया कोई व्यक्ति उनकी तरफ  से वोट डालता था। 
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स्कूली छात्रों ने संभाला बूथों पर मोर्चा

मंडी के कई मतदान केंद्रों में एनसीसी, एनएसएस और स्काउट एंड गाइडों ने बच्चों को संभाला और माताओं ने बेफिक्र होकर मतदान किया। विस क्षेत्र सुंदरनगर के 42 बूथों में आंगनबाड़ी वर्कर को यह कार्य सौंपा गया था।

यहां पर मॉडल बूथ विद चाइल्ड केयर बनाए गए थे। ऐसे में बच्चों के साथ आने वाली महिलाओं को परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा। कहीं टैक्सी चली, कहीं पालकी तो कहीं चली कुर्सी। मतदान के लिए लोगों हर तरह से मतदान केंद्रों तक पहुंचे। 
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