हिमाचल कैबिनेट ने शुक्रवार को बसों का किराया 25 फीसदी तक बढ़ाने को मंजूरी दे दी है। कोरोना काल के बीच प्रदेश की जनता पहले से ही आर्थिक तंगी के दौर से गुजर रही है, ऊपर से बसों का इतना ज्यादा किराया बढ़ाने से लोगों पर और बोझ पड़ेगा।
पिछले कई दिनों से निजी बस ऑपरेटर बसों का किराया 50 फीसदी बढ़ाने की मांग कर रहे थे। हालांकि तब बसों में 60 फीसदी सवारियों को बिठाने की व्यवस्था सरकार ने की थी। बस ऑपरेटर बसों का खर्चा पूरा न होने की दुहाई देकर बसें नहीं चलाने पर अड़े थे। अब प्रदेश सरकार ने बसों में 100 फीसदी सवारियां बिठाने को मंजूरी दे दी है।
इसके बावजूद निजी बस ऑपरेटरों की मांग पर प्रदेश सरकार ने 25 फीसदी बसों का किराया बढ़ाने को कैबिनेट बैठक में मंजूरी दे दी है। परिवहन मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने कहा कि मंत्रिमंडल की बैठक में किराया बढ़ाने को मंजूरी दी गई है। जल्द ही इसकी अधिसूचना जारी होगी।
उल्लेखनीय है कि परिवहन निगम की प्रदेश में 3300 बसें सड़कों पर दौड़ रही हैं। इसके अलावा 3100 निजी बसें हैं। खर्चे ज्यादा होने के कारण कई निजी ऑपरेटर बसे नहीं चला रहे हैं। प्रदेश में 800 के करीब बसें चल रही हैं। किराया बढ़ने से प्रदेश में सभी निजी बस चलनी शुरू हो जाएगी।
वहीं, हिमाचल कैबिनेट की बैठक में शुक्रवार को जहां नौकरियों का पिटारा खुला, वहीं कोरोना काल के बीच स्कूल-कॉलेजों में दाखिलों और परीक्षाओं को लेकर भी महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। वहीं देश की सेवा के लिए भारतीय सेना, नौसेना, वायु सेना और अर्द्ध सैनिक बल में भर्ती के इच्छुक युवाओं को प्रशिक्षण देने के लिए मंडी के सरकाघाट क्षेत्र के बरछवाड़ में प्रशिक्षण अकादमी और केंद्र स्थापित करने को मंजूरी दी। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में राज्य सचिवालय में कैबिनेट की बैठक हुई।
बैठक में फैसला लिया कि कॉलेजों में फर्स्ट ईयर और स्कूलों में जमा एक कक्षा में दाखिलों को 13 जुलाई से ऑनलाइन शुरू किया जाए, ताकि कोरोना महामारी के बीच अभिभावकों और विद्यार्थियों को दाखिले के लिए स्कूलों में न आना पड़े। इसके अलावा कॉलेजों में यूजी के छठे सेमेस्टर की परीक्षाएं 16 अगस्त के बाद ली जाएंगी। बैठक में यूजीसी की गाइडलाइन पर चर्चा हुई। शिक्षा विभाग और विश्वविद्यालय की तैयारियों को लेकर मंत्रिमंडल को जानकारी दी गई।
शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने बताया कि सरकार ने 16 अगस्त के बाद परीक्षाएं लेने का फैसला लिया है। जल्द ही इसकी डेटशीट जारी की जाएगी। विद्यार्थियों को नजदीकी केंद्रों में परीक्षा देने की छूट होगी। विश्वविद्यालय में पीजी की परीक्षाएं सितंबर में होंगी।
कैबिनेट ने 13 जुलाई से स्कूलों में ऑनलाइन पढ़ाई दोबारा शुरू करने को भी मंजूरी दी। स्कूलों और कॉलेजों में प्रिंसिपलों और शिक्षकों को जरूरत के हिसाब से बुलाने को कहा। कॉलेजों में फर्स्ट और सेकेंड ईयर की पढ़ाई और परीक्षाओं पर आने वाले दिनों में फैसला लिया जाएगा। प्रदेश में शिक्षण संस्थान 31 जुलाई तक बंद रखे जाएंगे।
कैबिनेट ने सरकारी स्कूलों मेें 7852 अंशकालिक मल्टी टास्क वर्करों की भर्ती के लिए नीति तैयार करने का फैसला लिया। इनके पद जलवाहकों से रिक्त हुए पदों के स्थान पर सृजित होंगे। इन अंशकालिक बहुउद्देश्यीय कामगारों से स्कूलों में जलवाहकों के अलावा स्कूलों में अन्य काम लिए जा सकेंगे। प्रारंभ में 7852 योग्य बेरोजगारों को स्थानीय स्तर पर मानदेय अर्जित करने का अवसर मिलेगा।
इन कार्यकर्ताओं को अकादमिक वर्ष के दौरान 10 महीनों के लिए छह घंटे के लिए प्रतिदिन 31.25 रुपये प्रति घंटे का मानदेय मिलेगा। कैबिनेट ने प्रदेश में प्राथमिक और उच्च शिक्षा विभाग में कार्यरत अंशकालिक जलवाहकों के मानदेय में 300 रुपये प्रति माह वृद्धि कर इसे 2700 रुपये प्रति माह करने का निर्णय लिया। इससे 2500 अंशकालिक जलवाहकों को लाभ होगा।