राज्य सचिवालय में हुई कैबिनेट की बैठक पहली बार कागज रहित हुई। ई-कैबिनेट एप्लीकेशन की मदद से बैठक में कैबिनेट ज्ञापन पेश हुए। सीएम जयराम ठाकुर ने कहा कि कैबिनेट की कार्यवाही को कागज रहित बनाकर देश का पहला राज्य बनकर एक और उपलब्धि अपने नाम की है। उन्होंने कहा कि ई कैबिनेट देश पहला ऐसा इलेक्ट्रॉनिक प्लेटफार्म है। उन्होंने कहा कि ई कैबिनेट बैठक में 32 कैबिनेट ज्ञापनों पर चर्चा की गई और इसे ई-कैबिनेट एप्लीकेशन के माध्यम से संचालित किया गया। सीएम ने कहा कि एसओ से प्रस्ताव साफ्टवेयर के माध्यम से सचिव जीएडी के जरिये मुख्य सचिव के पास जाएगा और वहां से मंत्रिमंडल के सदस्यों के सामने लैपटॉप में आएगा।
कैबिनेट कार्यवाही और संबंधित एजेंडे पर कैबिनेट के फैसलों की रिकॉर्डिंग और संबंधित विभागों की सलाह जारी करने का काम भी ई कैबिनेट प्रणाली के माध्यम से किया जाएगा। कैबिनेट बैठक की तारीख भी इस प्रणाली के माध्यम से अधिसूचित की जाएगी। गोपनीयता को देखते हुए सुरक्षा के मद्देनजर ओटीपी का उपयोग करके ही लॉगइन किया जा सकता है। इस एप्लीकेशन में डाले गए सभी कैबिनेट ज्ञापनों में दिनांक और समय टिकट के साथ विशेष क्यूआर कोड होगा। इस माध्यम से कैबिनेट के फैसलों के कार्यान्वयन की स्थिति को और अधिक प्रभावी ढंग से मॉनिटर करना भी संभव होगा।
बैठक में वर्चुअली जुड़े चार मंत्री
पहली पेपरलेस बैठक के साथ ही शुक्रवार को हुई कैबिनेट बैठक पहली वर्चुअल बैठक भी रही। इस बैठक में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के अलावा महेंद्र सिंह, सुरेश भारद्वाज, राकेश पठानिया व डा रामलाल मारकंडा राज्य सचिवालय में स्थित बैठक कक्ष में मौजूद रहे। जबकि मंत्री वीरेंद्र कंवर व बिक्रम सिंह ऊना, गोविंद ठाकुर कुल्लू और राजेंद्र गर्ग बिलासपुर से ऑनलाइन बैठक में शामिल हुए। बैठक की गोपनीयता बरकरार रखने के लिए मंत्रियों के बैठक में शामिल होने के लिए जिला उपायुक्तों के कार्यालयों में एनआईसी ने वीसी की व्यवस्था की थी।