तीन साल पूर्व प्रदेश के 12 डिग्री कॉलेजों में प्रायोगिक तौर पर शुरू हुई बीवॉक की डिग्री के प्रति युवाओं का रुझान बढ़ने के बाद अब छह और कॉलेजों में इसे शुरू किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने बजट भाषण में घोषणा करते हुए कहा कि सूबे के 12 कॉलेजों में बीवॉक की डिग्री कर रहे अंतिम वर्ष के 703 विद्यार्थियों के प्लेसमेंट के लिए विशेष व्यवस्था की जाएगी।
शिक्षकों की कमी से जूझ रहे स्कूल-कॉलेजों में पढ़ाई सुचारु रखने के लिए बीते साल शुरू की गई सीवी रमन वर्चुुअल क्लासरूम का भी सरकार ने दायरा बढ़ा दिया है। नए वित्तीय वर्ष के तहत 106 नए स्कूल-कॉलेजों में वर्चुुअल क्लासरूम शुरू किए जाएंगे। युवाओं को खेलकूद और व्यायाम के लिए बेहतर सुविधाएं देने को सरकारी मेडिकल कॉलेजों, इंजीनियरिंग कॉलेजों और अन्य राजकीय व्यवसायिक शैक्षणिक संस्थानों में चरणबद्ध तरीके से ओपन जिम की सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी।
एनसीसी लेने वाले युवाओं को फौज/ पैरामिलिट्री और पुलिस सेवाओं में भर्ती के लिए प्रोत्साहन देने को आवश्यक बटालियन और कंपनियां खोली जाएंगी। इस घोषणा से अधिक कैडेट एनसीसी के बी और सी प्रमाणपत्र का लाभ ले सकेंगे।
स्कूलों में विद्यार्थियों के लिए गणित में आवश्यक कौशल और निपुणता लाने के लिए सरकार ने 50 स्कूलों में गणित प्रयोगशालाएं स्थापित करने का फैसला लिया है। प्रयोगशाला के माध्यम से गणित शिक्षा का सरलीकरण किया जाएगा और इसे रोचक बनाया जाएगा।
धर्मशाला को होटल मैनेजमेंट, सुंदरनगर को मिला फूड क्राफ्ट संस्थान
पर्यटन क्षेत्र में मानव संसाधनों को बेहतर बनाने के लिए केंद्र सरकार के सहयोग से प्रदेश में दो व्यवसायिक प्रशिक्षण संस्थान खोले जाएंगे। धर्मशाला में इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट और सुंदरनगर में फूड क्राफ्ट इंस्टीट्यूट की स्थापना की जाएगी।
छह हजार पद भरने की प्रक्रिया जारी
मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले दो वर्षों में शिक्षण संस्थानों में 10,700 पद भरने की स्वीकृति दी है। अभी तक चार हजार शिक्षकों के पद भरे जा चुके हैं। शेष पद जल्द भर दिए जाएंगे। किसी भी स्कूल में शिक्षकों की कमी नहीं रहने देंगे।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के गृह जिला मंडी में खुले प्रदेश के पहले क्लस्टर विश्वविद्यालय में पांच जिलों के कॉलेजों को शामिल किया जाएगा। प्रदेश में वर्तमान में कुल 138 सरकारी और 69 निजी कॉलेज हैं। मंडी सहित निकटवर्ती जिलों कुल्लू, बिलासपुर, लाहौल और हमीरपुर के कॉलेजों को क्लस्टर विवि से संबद्धता देने की तैयारी है। शुक्रवार को बजट भाषण में घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का संकल्प है कि क्लस्टर विश्वविद्यालय पूर्ण विश्वविद्यालय के रूप में विकसित हो। इसके लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
प्रदेश सरकार की इस घोषणा से राजधानी शिमला स्थित हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय से बोझ कम होगा। क्लस्टर विवि में शामिल नहीं होने वाले जिलों के कॉलेजों की जिम्मेवारी हिमाचल विवि पर रहेगी। गुणवत्ता शिक्षा पर जोर देने के लिए सरकार ने यह फैसला लिया है। इसी कड़ी में इस बार के बजट में हिमाचल विश्वविद्यालय के लिए इस बार ग्रांट भी जारी नहीं की गई है। बीते साल एचपीयू को सरकार ने सौ करोड़ की ग्रांट दी थी।
रूसा गाइड लाइन के मुताबिक एक विश्वविद्यालय के तहत 100 से अधिक कॉलेज नहीं आने चाहिए। हिमाचल प्रदेश शिक्षा विभाग ने इसी गाइडलाइन को मानते हुए साल 2014 में मंडी में कलस्टर विश्वविद्यालय खोलने का केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा था। विधानसभा से अध्यादेश पारित होने के बाद मंडी में क्लस्टर विश्वविद्यालय स्थापित हो चुका है।
प्रथम चरण में मंडी के चार कॉलेजों को इसमें शामिल किया गया है। मंडी कालेज को लीड कॉलेज बनाया है। इसमें द्रंग, बासा और सुंदरनगर कॉलेज को शामिल किया गया है। संभावित है कि इसी साल प्रदेश सरकार क्लस्टर विवि में जिलों के कॉलेजों को शामिल करने की प्रक्रिया शुरू कर देगी।