शिक्षा के स्तर को बढ़ाने के लिए डाइट तथा एससीईआरटी को अधिक प्रासंगिक बनाया जाएगा। योग पाठ्यक्रम एससीईआरटी की सहायता गुणात्मक शिक्षा से तैयार किया जाएगा।
विभाग द्वारा विद्यालयों में सीखने की खुशी सत्र चलाए जाएंगे ताकि शिक्षण ज्ञान बढ़ाया जा सके। सरकार शिक्षकों की ट्रांसफर और पदभार संभालने हेतु एक ठोस तथा पारदर्शी स्थानांतरण नीति बनाएगी।
भारत सरकार ने वर्ष 2018-19 के बजट में 50 प्रतिशत से अधिक अनुसूचित जन-जाति जनसंख्या वाले खंडों में एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय स्थापित करने की योजनाकी घोषणा की है। राज्य सरकार, भारत सरकार से ऐसे विद्यालयों कोहिमाचल में शीघ्र खोलने हेतु मामला उठाएगी।
सरकार गुणवत्ता वाली शिक्षा प्रदान करने के लिए कृतसंकल्प है। गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा के लिए पाठशाला में सभी बुनियादी सुविधाएं होना आवश्यक है। सरकार ने एक नई योजना “मुख्यमंत्री आदर्श विद्या केंद्र” शुरू करेगी।
इस योजना के तहत चरणबद्ध तरीके से सभी विधानसभा क्षेत्रों में, जहां नवोदय विद्यालय या एकलव्य विद्यालय नहीं हैं वहां पर, एक आदर्श विद्या केंद्र विद्यालय स्थापित करेगी। इसमें सभी सुविधाओं के साथ निःशुल्क शिक्षा प्रदान की जाएगी तथा छात्रावास की भी सुविधा उपलब्ध होगी।
पुस्तक दान दिवस मनाया जाएगा
प्रथम चरण में ऐसे 10 आदर्श विद्यालय स्थापित किए जाएंगे जिसके लिए 25 करोड़ का बजट प्रावधान प्रस्तावित है। हिमाचल प्रदेश के सभी स्कूलों में परीक्षा की समाप्ति से अगले दिन को “पुस्तक दान दिवस” मनाया जाएगा। इस दिन बड़ी कक्षाओं के विद्यार्थी निचली कक्षाओं के विद्यार्थियों को अपनी पुस्तकें देंगे ताकि निचली कक्षा के विद्यार्थियों का पुस्तकें खरीदने कापैसा बच सके।
सीएम जयराम ने कहा कि भाजपा सरकार ने वर्ष 2011 में “अटल वर्दी योजना” आरंभ की थी जिसमें छात्रों को प्रति वर्ष 2 वर्दियां दी जाती
थीं। अब इस योजना के तहत पहली, तीसरी, छठी तथा 9वीं कक्षा के विद्यार्थियों को एक स्कूल बैग भी दिया जाएगा।
युवाओं की जिज्ञासा एवं रचनात्मकता बढ़ाने हेतु भारत सरकार के “अटल ईनोवेशन मिशन” के तहत चुने हुए विद्यालयों में अटल टिंकरिंग लैब स्थापित किए जाएंगे।
जहां विद्यार्थी उपकरण एवं औजारों के माध्यम से विज्ञान, तकनीकी, अभियांत्रिकी तथा गणित को समझेंगे। राज्य सरकार माह में एक दिन बैग फ्री डे घोषित करेगी ताकि सभी विद्यालयों में इस दिन में केवल सह पाठ्यक्रम गतिविधियां ही संचालित की जाएं।
सरकारी विद्यालयों के उन छात्रों को सम्मानित करने के लिए जिन्होंने जीवन में एक मुकाम प्राप्त किया हो एक नई योजना “अखंड शिक्षा ज्योति, मेरे स्कूल से निकले मोती” आरंभ की जाएगी। इस योजना में स्थानीय लोगों एवं ग्राम पंचायत को शामिल किया जाएगा।
12वीं कक्षा के विद्यार्थियों को जेईई मेन, एनईईटी तथा उच्च स्तरीय शैक्षणिक संस्थाओं में प्रवेश हेतु कोचिंग के लिए मैं एक नई “मेधा प्रोत्साहन योजना” शुरू की जाएगी। इसके तहत राज्य में अथवा राज्य से बाहर कोचिंग के लिए सहायता उपलब्ध करवाई जाएगी।
इसके लिए 5 करोड़ का बजट प्रावधान किया है। राज्य सरकार हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय को 110 करोड़ का अनुदानदेगी। यह देश के किसी भी राज्य विश्वविद्यालय को दिए जाने वालेप्रति छात्र अनुदान में सर्वाधिक है।
उद्योगों के कौशल आवश्यकता के लिए इस क्षेत्र का निजी क्षेत्र के साथ समन्वय आवश्यक है। कौशल में कमी को दूर करने के लिए हमारी सरकार तकनीकी पाठ्यक्रमों को इस प्रकार से परिवर्तित करेगी ताकि विद्यार्थियों को श्रम बाजार की आवश्यकतानुसार प्रशिक्षण मिल सके।
आगामी कुछ महीनों में रैहन में नए बहुतकनीकी संस्थान का कार्य 25 करोड़ की लागत से आरंभ किया जाएगा। हिमाचल प्रदेश के युवाओं को रोजगारउन्मुख बनाने के लिए तकनीकी शिक्षा एवं व्यावसायिक औद्योगिक प्रशिक्षण काफी महत्वपूर्ण हैं।
हिमाचल में 124 सरकारी तथा 148 निजीऔद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान हैं जिनमें क्रमशः 25,449 और 22,335 विद्यार्थियों के प्रवेश की क्षमता हैं।
राज्य में प्रति लाख जनसंख्या पर औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान की 696 सीटें हैं जो कि राष्ट्रीय औसत 212 सीटों से बहुत अधिक है।