अभी तक वन विभाग ही पौधरोपण की जिम्मेदारी निभा रहा था। लेकिन इस बार युवा, महिलाओं और विद्यार्थियों को इसमें सहभागी बनाने का प्रयास किया गया है। इसके लिए सामुदायिक वन संवर्धन योजना प्रस्तावित की गई है।
इस योजना के तहत युवक व महिला मंडलों को पौधरोपण के लिए भूखंड आवंटित किए जाएंगे। साथ ही स्कूलों को भी भूखंड आवंटित करने के लिए विद्यार्थी वन मित्र योजना शुरू की जाएगी। इस योजना के तहत आवंटित भूखंड में स्कूली बच्चे पौधारोपण कर साल भर उनकी देखभाल भी करेंगे।
आने वाले वित्तीय वर्ष में वन विभाग में तीन बाह्य सहायता प्राप्त योजनाएं लागू होने वाली हैं। इनमें जीआईसीए द्वारा वित्त पोषित 800 करोड़ की लागत वाली एचपी फॉरेस्ट ईको सिस्टम मैनेजमेंट एंड लाइवलीहुड इंप्रूवमेंट परियोजना के जरिये लोगों की आजीविका
आवश्यकताओं को पूरा करने का प्रयास किया जाएगा। वहीं, 665 करोड़ की लागत वाली विश्व बैंक द्वारा वित्तपोषित इंटीग्रेटेड डेवेलपमेंट प्रोजेक्ट फॉर सोर्स सस्टेनेबिलिटी एंड क्लाइमेट रीसाइलेंट रेनफेड एग्रीकल्चर के जरिये कृषि आय बढ़ाने के लिए जल स्रोतों को विकसित किया जाएगा।
वहीं, एचपी फॉरेस्ट फॉर प्रोस्पेरिटी के अंतर्गत ईंधन लकड़ी का पौधरोपण तथा वन उत्पादों से आय वृद्धि के स्रोत बढ़ाए जाएंगे। तीनों प्रोजेक्टों के लिए सरकार ने 125 करोड़ के बजट का प्रावधान किया है।