8 जुलाई, 1994 को स्व. भगतराम डोगरा के घर जन्मे आशीष चौधरी ने 9 वर्ष की उम्र में हाथों में बॉक्सिंग गलव्ज पहन लिए थे। वह एमएलएसएम कॉलेज में कोच नरेश वर्मा के पास कोचिंग लेने जाते थे।
हावी नहीं होने दी विकट परिस्थितियां
आशीष ने अपनी जीत का सारा श्रेय परिवार, स्व. पिता भगतराम डोगरा और गुरुजनों को दिया। उन्होंने जीत के बाद कहा कि ओलंपिक क्वालिफायर के मैचों के दौरान उन्होंने दबाव और विकट परिस्थितियों को अपने ऊपर कभी भी हावी नहीं होने दिया।
बेटे की उपलब्धि पर फख्र: दुर्गा देवी
आशीष की माता दुर्गा देवी ने बेटे की जीत पर फख्र जताते कहा कि अगर आज उसके पिता हमारे बीच होते तो वह फूले न समाते। यह सम्मान की बात है कि बेटा अब ओलंपिक में देश का प्रतिनिधित्व करेगा। उन्होंने विश्वास जताया है कि आशीष शानदार प्रदर्शन को जारी रख देश के लिए मेडल जरूर लाएगा।
आशीष हिमाचल के पहले बॉक्सर हैं, जो ओलंपिक में खेलेंगे। आशीष नेशनल बॉक्सिंग प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक, 2015 में हुई ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी में रजत, इंडोनेशिया में हुई एशिया टेस्ट इवेंट इंटरनेशनल प्रतियोगिता में कांस्य पदक जीत चुके है। आर्मी स्पोर्ट्स संस्थान पुणे में गत वर्ष 27 अक्तूबर से 2 नवंबर तक हुई सीनियर राष्ट्रीय मुक्केबाजी प्रतियोगिता में भी आशीष ने कांस्य जीता था।
यूक्रेन में 21वीं इंटर नेशनल बॉक्सिंग, रशिया में 10वीं इंटरनेशनल बॉक्सिंग, राउंड रोबिन इंटरनेशनल बॉक्सिंग टूर्नामेंट, विश्व सीरीज आफ बॉक्सिंग, इंडिया ओपन इंटरनेशनल प्रतियोगिता में भी वह भाग ले चुके हैं। हाल ही में बुल्गारिया में हुए 70वें स्ट्रेंडजा कप और प्रेजीडेंट कप में भी वह देश का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।
देश का मान बढ़ाएंगे आशीष
मंडी जिला खेल अधिकारी एवं कोच नरेश वर्मा ने बताया कि आशीष ने टोक्यो ओलंपिक के लिए क्वालिफाई कर लिया है। उन्हें पूरा विश्वास है कि आशीष अपना पूरा दमखम दिखाते हुए टोक्यो से मेडल लाकर देश का मान बढ़ाएंगे।