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निजी स्कूलों की फीस तय करने को बनेगा कानून, मनमानी पर सरकार कसेगी शिकंजा

Tue, 10 Mar 2020 03:59 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
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सांकेतिक तस्वीर
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गुजरात, पंजाब, राजस्थान और पुडुचेरी की तर्ज पर हिमाचल सरकार भी निजी स्कूलों की फीस तय करने को कानून बनाएगी। निजी स्कूलों की मनमानी पर शिकंजा कसने को सरकार ने चुनावी दृष्टिपत्र में की गई घोषणा को पूरा करने के लिए कवायद शुरू कर दी है। सरकार के आदेशानुसार उच्च शिक्षा निदेशालय नियमावली बनाने में जुट गया है। फीस का निर्धारण करने को उपायुक्तों की अध्यक्षता में जिला स्तरीय कमेटियां गठित की जाएंगी।

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विधानसभा के मानसून सत्र में इस विधेयक को मंजूरी के लिए लाया जाएगा। विधेयक के अधिनियम बनते ही अगले साल से जिला कमेटियां निजी स्कूलों के फीस का ढांचा तय करेंगी। नियमों को न मानने वाले स्कूलों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का प्रावधान भी किया जाएगा। भाजपा के चुनावी दृष्टि पत्र में की गई घोषणा और सत्ता में आते ही निजी स्कूलों पर लगाम कसने को लेकर किए दावों को सवा दो साल बाद पूरा करने में सरकार जुट गई है।

नया शैक्षणिक सत्र शुरू होते ही निजी स्कूलों की फीस में होने वाली भारी-भरकम बढ़ोतरी की साल दर साल शिकायतें बढ़ रही हैं। बिल्डिंग फंड न वसूलने के हाईकोर्ट के आदेशों के चलते स्कूलों ने अन्य मदों के माध्यम से इस साल फीस बढ़ा दी है। निजी स्कूलों का फीस स्ट्रक्चर तय करने के लिए सरकार के पास र्कोई भी नीति नहीं होने का निजी स्कूल फायदा उठा रहे हैं। इसी कड़ी में अब प्रदेश सरकार ने निजी स्कूलों की फीस तय करने के लिए कानून बनाने का फैसला लिया है। उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. अमरजीत कुमार शर्मा ने बताया कि जल्द प्रस्ताव तैयार कर सरकार को भेजा जाएगा।

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अन्य राज्यों के कानूनों का किया जा रहा अध्ययन

उच्च शिक्षा निदेशालय के अधिकारी हिमाचल के लिए कानून तय करने को अन्य राज्यों का अध्ययन कर रहे हैं। गुजरात, पंजाब, राजस्थान और पुडुचेरी में फीस तय करने के लिए एक्ट बनाया गया है। इन्हीं राज्यों के कानून को देखते हुए हिमाचल के लिए विधेयक बनाया जा रहा है।

दो साल पहले शुरू हुई मुहिम आजतक ठंडे बस्ते में 
 निजी स्कूलों को नियामक आयोग के दायरे में लाने के लिए शिक्षा विभाग ने साल 2018 में भी प्रस्ताव तैयार किया था। तत्कालीन शिक्षा सचिव ने प्रस्ताव सरकार की मंजूरी को भेजा था, लेकिन आजतक प्रस्ताव ठंडे बस्ते में है।  
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