जुब्बल-कोटखाई में प्रदेश भाजपा संगठन महामंत्री पवन राणा।
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जुब्बल-कोटखाई से निर्दलीय प्रत्याशी चेतन बरागटा के खिलाफ प्रदेश भाजपा संगठन महामंत्री पवन राणा ने मोर्चाबंदी कर ली है। सह प्रभारी संजय टंडन के साथ राणा जुब्बल-कोटखाई में डट गए हैं। चेतन बरागटा भाजपा में रहते राणा के पसंदीदा थे। राणा इन्हें टिकट दिलाने के हिमायती थे। अब उपचुनाव में प्रचार के बीच जुब्बल-कोटखाई में संगठन को फिर खड़ा करने में जुट गए हैं। पवन राणा कई दिन से जुब्बल-कोटखाई से दूरी बनाए थे।
सूत्रों के अनुसार टिकट दिए जाने से पहले चेतन बरागटा उनसे लगातार संपर्क में थे। चेतन को टिकट दिलाने के पैरोकारों में से पवन राणा भी प्रमुख थे। केंद्रीय नेतृत्व ने परिवारवाद के फार्मूले को लागू कर चेतन बरागटा का टिकट काट दिया था। उसके बाद स्वाभाविक रूप से पवन राणा भी उनके खिलाफ हो गए हैं। पिछले दिनों वह अर्की में संगठन की मजबूती में लगे थे। मंगलवार को भाजपा सह प्रभारी जुब्बल-कोटखाई में प्रचार के लिए गए थे तो राणा भी यहां पहुंच गए हैं।
चेतन बरागटा के कई समर्थकों ने मंडल भाजपा से इस्तीफे देकर संगठन को झटका दिया है। अब संगठन को दोबारा जिंदा करना संगठन महामंत्री की जिम्मेवारी हो गई है। बुधवार को पवन राणा जुब्बल-कोटखाई में सह प्रभारी संजय टंडन के साथ कदमताल करते नजर आए। वह कार्यकर्ताओं की नब्ज टटोल रहे हैं। उनके सुझाव पर जल्द नई मंडल कार्यकारिणी के चेहरे भी तय किए जाने हैं। संजय टंडन, पवन राणा जैसे नेताओं के जुब्बल-कोटखाई पहुंचने के बाद यहां भाजपा के प्रचार की भी दिशा बदलने लगी है। बडे़ नेताओं में पिछले कई दिनों से इस हलके के प्रभारी सुरेश भारद्वाज अकेले ही प्रचार में जुटे थे।
गुड़िया सक्षम बोर्ड की अध्यक्ष रूपा शर्मा भी प्रचार में शामिल
गुड़िया सक्षम बोर्ड की अध्यक्ष रूपा शर्मा भी प्रचार में जुट गई हैं। रूपा बुधवार को संजय टंडन, पवन राणा के साथ प्रचार करती नजर आईं। गुड़िया सक्षम बोर्ड का गठन जुब्बल-कोटखाई में गुड़िया की दुराचार और रहस्यमयी हत्या के बाद किया गया था। सरकार ने इसका गठन महिलाओं की समस्याओं के समाधान और पीड़ितों की मदद करने के लिए किया है।