हिमाचल प्रदेश खुला शौच मुक्त घोषित कर दिया गया है। सिक्किम के बाद खुला शौच मुक्त होने वाला हिमाचल देश का दूसरा और बड़े राज्यों में इस मुकाम को हासिल करने वाला पहला प्रदेश बना है। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा की मौजूदगी में शुक्रवार को मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने पीटरहॉफ में इसका औपचारिक एलान किया।
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सूबे की इस उपलब्धि पर केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि समय से पहले लक्ष्य पूरा करने के लिए हिमाचल बधाई का पात्र है। हिमाचल का खुला शौच मुक्त मॉडल अब देश के अन्य राज्यों में भी अपनाया जाएगा। स्वच्छता प्रोजेक्ट पर वर्ल्ड बैंक से मिलने वाले 9
हजार करोड़ में अब प्रदेश की भी हिस्सेदारी होगी। उन्होंने कहा कि देश में अब तक 56 जिले खुला शौच मुक्त हो गए हैं। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त, 2014 को देश को स्वच्छ बनाने का आह्वान किया था। इसके बाद इस अभियान को आगे बढ़ाया गया है।
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केंद्रीय मंत्री बोले, तमिलनाडु भेजे जाएं हिमाचल से अफसर
उन्होंने कहा कि स्वच्छता को लेकर अभी तक यूरोप की प्रशंसा होती है, लेकिन अब हिमाचल के खुला शौच मुक्त होने की देशभर में सराहना होगी। हिमाचल को खुला शौच मुक्त करने के लिए आंदोलन चलाया अब इसे आगे भी जारी रखने के लिए जनआंदोलन चलाया जाएगा।
हिमाचल पहले पॉलिथीन मुक्त, अब खुला शौचमुक्त और आने वाले समय में इसे ठोस एवं तरल कूड़ा कचरा मुक्त बनाएं। उन्होंने कहा कि केरल को पछाड़ने के लिए हिमाचल ने विशेष अभियान चलाया जिसके लिए दिन-रात एक कर दिया। इस दौरान सूबे को खुला शौच मुक्त करने में अहम भूमिका निभाने वाले अधिकारियों और संस्थाओं को केंद्रीय मंत्री ने सम्मानित भी किया।
तमिलनाडु भेजे जाएं हिमाचल से अफसर
तोमर ने कहा कि ठोस तरल अवशेष नष्ट करने में तमिलनाडु ने बेहतर कार्य किया है। उन्होंने हिमाचल को भी इस क्षेत्र में कार्य की अपील की। उन्होंने हिमाचल सरकार से आह्वान किया कि वह अपने अफसरों की टीम तमिलनाडु भेजें ताकि इस दिशा में बेहतर काम किया जा सके।
फील्ड में विकास दिखे, इसलिए पंचायतों को दिया पैसा
तोमर ने कहा कि 13वें वित्तायोग के तहत जिला परिषद, बीडीसी और पंचायतों को पैसा जाता था। यह पैसा ऊपर-ऊपर खर्च होता था, मौके पर काम नजर नहीं आ रहा था। अब केंद्र सरकार ने 14वें वित्तायोग के तहत सीधे पंचायतों को पैसा देने का फैसला लिया है ताकि फील्ड में विकास दिखे। उन्होंने कहा कि जिला परिषद और बीडीसी सदस्यों को वित्तीय शक्तियां देने का मामला केंद्र के समक्ष उठाया जाएगा।
जन सहयोग से सफल हुआ मिशन: वीरभद्र
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि हिमाचल जनता के सहयोग से खुला शौच मुक्त हुआ है। शुक्रवार को पीटरहॉफ में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता ने सरकार के इस मिशन को सफल बनाया है। लोगों के सहयोग के बिना यह संभव नहीं था। कहा कि हालांकि सिक्किम राज्य बाह्य शौचमुक्त बनने की उपलब्धि हासिल करने वाला पहला राज्य है, लेकिन यह छोटे राज्यों की श्रेणी में हैं।
केरल राज्य बाह्य शौचमुक्त राज्य घोषित होने की दौड़ में शामिल है, लेकिन हम सौभाग्यशाली हैं कि हमने केरल को पछाड़ते हुए बड़े राज्यों की श्रेणी में पहला स्थान हासिल किया है। लगता है कि पहली नवंबर को ‘केरल दिवस’ के अवसर पर बाह्य शौचमुक्त घोषित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री से कार्यक्रम में उपस्थित रहने का आग्रह किया था। वह व्यस्तता के बावजूद कार्यक्रम में मौजूद रहे।
कहा कि महात्मा गांधी ने स्वच्छता बनाए रखने पर हमेशा जोर देते हुए कहा था कि ईश्वर भक्ति तथा आजादी के बाद हमारे लिए स्वच्छता महत्वपूर्ण है। गांधी जी के लिए लोगों के जीवन में स्वच्छता का पैमाना उनके शौचालयों की स्थिति था। मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल केंद्रीय वित्त पोषित विकास कार्यक्रमों तथा नीतियों के क्रियान्वयन में केंद्र सरकार के साथ पूर्ण सहयोग करता है और हमेशा करेगा।
केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री नरेंद्र तोमर ने भी हिमाचल को बाह्य शौचमुक्त बनाने की पहल एवं सोच के लिए सरकार विशेषकर मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रदेश शीघ्र ही ठोस एवं तरल कूड़ा कचरा प्रबंध के निदान में भी अग्रणी बनेगा। मंडलायुक्तों, उपायुक्तों तथा खंड विकास अधिकारियों, फील्ड राजस्व अधिकारियों और कर्मचारियों को संबंधित क्षेत्रों में स्वच्छता अभियान में पहल के लिए प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिन्ह से सम्मानित किया गया।
थुनाग पंचायतीराज प्रशिक्षण संस्थान का किया लोकार्पण
केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने मुख्यमंत्री तथा केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा के साथ सराज विधानसभा क्षेत्र के थुनाग में पंचायतीराज प्रशिक्षण संस्थान का ऑनलाइन लोकार्पण किया। मुख्य सचिव वीसी फारका ग्रामीण विकास विभाग के निदेशक आर सेलवम, मंडलायुक्त, समस्त जिलों के उपायुक्त, पंचायत प्रतिनिधि, खंड विकास अधिकारी भी उपस्थित र
हिमाचल को बीमारी मुक्त करने के लिए छेड़ेंगे अभियान: नड्डा
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने कहा है कि खुला शौच मुक्त होने के बाद अब हिमाचल को बीमारियों से भी मुक्त करने के लिए अभियान छेड़ा जाएगा। इसके लिए ग्रामीण एवं पंचायतीराज विभाग के साथ मिलकर दिसंबर से पूरे देश में संयुक्त कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि उनका विभाग सीधे तौर पर इससे जुड़ा है।
खुला शौच के चलते कई जलजनित रोग फैसले की संभावना रहती है। डायरिया, पीलिया आदि अन्य रोग इस कारण फैलते हैं। संयुक्त अभियान छेड़ने से इस पर अंकुश लगाया जा सकेगा। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि केंद्र सरकार हिमाचल को हर तरह की वित्तीय सहायता देने के लिए तैयार है।
केंद्र और प्रदेश मिलकर काम करते हैं तो सूबे को नए आयाम तक ले जाया जा सकता है। राज्य और केंद्र के इस संयुक्त प्रयास को ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कोआपरेटिव फेडरलिज्म कहते हैं। उन्होंने कहा कि कहा कि स्वच्छता से स्वास्थ्य का बड़ा रिश्ता है, क्योंकि जब स्वच्छता रखने में कोताही बरती जाती है तभी बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग को आगे आना पड़ता है।
ऐसे में सफाई रखने से स्वास्थ्य विभाग का काम आसान हो जाएगा। कहा कि पॉलिथीन फ्री हिमाचल बनाकर हिमाचल ने ही स्वच्छता की ओर पहला कदम रखा था। उन्होंने हिमाचल में इस सराहनीय कार्य के लिए हिमाचल की जनता, प्रदेश सरकार सहित प्रशासनिक अधिकारियों को बधाई दी।