ठियोग के विधायक कुलदीप सिंह राठौर ने कहा कि नशा पाकिस्तान सीमा और दिल्ली से भी आ रहा है। दिल्ली में प्रधानमंत्री और गृह मंत्री हैं, फिर भी इसे वहां नहीं रोका जा रहा। केंद्र सरकार की भी इस पर अंकुश लगाने में मदद होनी चाहिए। पाकिस्तान से आने वाले नशे पर तो अंकुश लगा रहे हैं। यह अघोषित युद्ध है। हमारे युवाओं का सेना में बहुत योगदान है। पर क्या जिस तरह से नशे की चपेट में युवा आ रहे हैं। वे क्या आने वाले समय में सेना में जाने की स्थिति में होंगे।
यह एक साजिश भी हो सकती है कि हिमाचल के युवाओं को खोखला कर दो। जो विदेशों से युवा यहां आते हैं। उन पर पर सख्ती होनी चाहिए। गैरसरकारी सदस्य दिवस पर पांवटा के भाजपा विधायक सुखराम चौधरी और ठियोग के कांग्रेस विधायक कुलदीप सिंह राठौर ने प्रदेश में बढ़ते नशे के कारोबार, प्रदेश की सीमाओं पर इसकी रोकथाम और कानून को सुदृढ़ करने के लिए नीति बनाने का संकल्प प्रस्ताव प्रस्तुत किया।
वीरवार को सदन में राठौर ने कहा कि 23 अक्तूबर को एनआईटी हमीरपुर में एक छात्र की नशे की ओवरडोज से मृत्यु हो गई। ऐसी बहुत सी घटनाएं रिपोर्ट नहीं हो रही हैं। अब दूरदराज के इलाकों तक नशे का कारोबार हो रहा है। छोटे-छोटे लोगों को पकड़ा जा रहा है। बड़ी मछलियों को पकड़ा जाना चाहिए। अलग से टास्क फोर्स बननी चाहिए। पांवटा के विधायक सुखराम चौधरी ने कहा कि नशे से परिवार बर्बाद हो रहे हैं।
शैक्षणिक संस्थानों के निकट ढाबों, परचून की दुकानों आदि पर विशेष नजर रखे जाने की जरूरत है। पुलिस विभाग के कर्मचारी भी इसमें शामिल होते हैं, तो उन पर कार्रवाई होनी चाहिए। जिला सिरमौर के दर्जनों नौजवान नशामुक्ति केंद्र में इलाज करवा रहे हैं। कई बार मात्रा कम होने पर जमानत हो जाती है। कोई भी व्यक्ति इस कारोबार में संलिप्त हैं, उस पर कार्रवाई होनी चाहिए। बहुत से लोग रातोंरात अमीर बनने के चक्कर में नशे के कारोबार में फंस रहे हैं।
सीमावर्ती क्षेत्रों पर अच्छे अधिकारी नियुक्त हों : सत्ती
ऊना के भाजपा विधायक सतपाल सिंह सत्ती ने कहा कि कई बार नेता भी नशे को प्रश्रय देते हैं। जिनके पास कोई काम नहीं है, ऐसे युवा चपेट में आ रहे हैं। जिनको गुस्सा आता हो, ऐसे अधिकारी होने चाहिए। जिसे गुस्सा न आता हो, वे किसी काम के नहीं हैं। सीमावर्ती क्षेत्रों पर अच्छे अधिकारी नियुक्त होने चाहिए। नशे के तस्करों को जेलों में डाला जाना चाहिए। सरकार कम से कम रोटियां तो खिला ही सकती है। जेल में चिट्टा तो नहीं लेंगे। देश की युवा पीढ़ी नशे में पड़ गई तो तबाही हो जाएगी। आज पंजाब के लोग या तो विदेश में हैं या नशे में फंस गए हैं।