अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के पदाधिकारी विनोद ठाकुर (फाइल फोटो)
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अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के पदाधिकारी विनोद ठाकुर ने कहा कि जयराम ठाकुर का मुख्यमंत्री बनना प्रदेश के लिए त्रासदी रहा। पांच साल में मुख्यमंत्री और उनके करीबियों ने प्रदेश में सुख सुविधाओं का लाभ लेकर प्रदेश को कर्ज में धकेल दिया और लोगों के भविष्य साथ खिलवाड़ किया है। बिलासपुर के परिधि गृह में पत्रकार वार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि जयराम ने क्षेत्रवाद की राजनीति करते हुए प्रदेश को भ्रष्ट राज्य के रूप में स्थापित किया है। सरकार के पास कर्मचारियों के डीए तक का पैसा नहीं था।
वर्तमान सरकार और मुख्यमंत्री ने आते ही सख्त और प्रदेश हित के निर्णय लिए हैं। जयराम सरकार के समय में नौकरियों के नाम पर दलाली का काम चरम पर था। प्रदेश में भर्ती एजेंसियों को पूरी तरह से अपंग कर दिया गया था। जिन कर्मचारियों ने इसके लिए आवाज उठाई उनका उत्पीड़न और शोषण किया गया। अपने विधानसभा क्षेत्र में सिराज के लोगों को ही कर्मचारी संगठनों की अध्यक्षता सौंपी।
आउटसोर्स प्रणाली के माध्यम से अपने ठेकेदारों को करोड़ों रुपये का लाभ पहुंचाया। एचपीएसएससी को निलंबित कर सरकार ने अच्छा कार्य किया है। इसके माध्यम से पूर्व सरकार ने युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है। करोड़ों के घोटाले जयराम के समय में किए गए। वर्तमान सरकार ने जिन संस्थानों को रिव्यू किया करने का निर्णय लिया है वह बिल्कुल सही है। पूर्व सरकार ने बिना बजट के राजनीतिक स्वार्थ के इन संस्थानों को खोला था।
उन्होंने कहा कि महासंघ मुख्यमंत्री से आग्रह करता है कि जिस प्रकार के निर्णय लिए जा रहे हैं, उसी तरह इन्हें आगे जारी रखें। इस दौरान कर्मचारी नेता शंकर सिंह ठाकुर ने कहा कि पूर्व सरकार ने भ्रष्ट अधिकारियों के साथ मिलकर करोड़ों रुपयों की हेराफेरी की। जिन अधिकारियों पर कार्रवाई करनी होनी चाहिए, उन्हें राष्ट्रपति अवार्ड दिलवाया गया। जयराम सरकार ने बेईमानों को पांच साल अपनी छत्रछाया में रखा और प्रदेश का लगातार नुकसान किया।