हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट में जिला मंडी के नेरचौक स्थित अटल मेडिकल एवं रिसर्च यूनिवर्सिटी (एएमआरयू) के नवनियुक्त कुलपति (वीसी) की नियुक्ति को लेकर जनहित याचिका के माध्यम से चुनौती दी गई है। मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावलिया और न्यायाधीश बिपिन चंद्र नेगी की खंडपीठ ने याचिकाकर्ता की नीयत की जांच करने के लिए उसे 2 लाख की राशि रजिस्ट्रार कार्यालय में जमा कराने का आदेश दिया है। गौरतलब है कि नोएडा निवासी याचिकाकर्ता देव आशीष भट्टाचार्य ने जनहित याचिका दायर कर 29 जुलाई 2026 की अधिसूचना को चुनौती दी थी। याचिकाकर्ता ने अदालत से कुलपति की नियुक्ति को रद्द करने की मांग की है।
खंडपीठ के समक्ष यह तथ्य आया कि याचिकाकर्ता ने पूर्व में भी केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति की नियुक्ति के खिलाफ ऐसी ही याचिका 2024 में दायर की गई थी। उस मामले में याचिकाकर्ता के क्षेत्राधिकार पर सवाल उठे थे और याचिका 1 मई 2025 को खारिज कर दी गई थी। हाईकोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि याचिकाकर्ता की नीयत और वास्तविक मंशा को परखने के लिए यह आवश्यक है कि वह हाईकोर्ट की रजिस्ट्री में 2 लाख की राशि जमा करे। अदालत ने याचिकाकर्ता के बाहरी राज्य (नोएडा) से होने और पूर्व में खारिज हुई याचिका के पैटर्न को देखते हुए जमा राशि की शर्त रखी। पीठ के इस आदेश के बाद याचिकाकर्ता के वकील ने अपने पक्षकार से निर्देश प्राप्त करने के लिए समय देने का अनुरोध किया। अदालत ने याचिकाकर्ता के वकील के अनुरोध को स्वीकार करते हुए मामले की अगली सुनवाई 15 अक्तूबर तय की है।