हिमाचल प्रदेश आढ़ती महासंघ सरकार के आदेशों पर मंडियों में किलो के हिसाब से सेब बिक्री के लिए राजी हो गया हैं लेकिन सरकार से आकार के आधार पर सेब बिक्री की मांग रखी है। रविवार को आयोजित आढ़ती महासंघ के सम्मेलन में सरकार से आढ़तियों और अदाणी जैसे निजी कंपनियों को अलग अलग तराजू में न तौलने की मांग उठाई गई।
आढ़ती महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष हरीश ठाकुर ने कहा कि निजी कंपनियां जब किलो के हिसाब से आकार के आधार पर सेब खरीद कर रही हैं तो मंडियों में भी यही व्यवस्था लागू होनी चाहिए। महासंघ ने सरकार से सेब बिक्री के मापदंड निर्धारित करने की मांग उठाई है।
अधिकतम सीमा 24 किलो सुनिश्चित करने के लिए यूनिवर्सल कार्टन लागू करने, आढ़तियों को एसआईटी में शामिल करने, बाहरी राज्यों से सेब खरीदने के लिए आने वाले लदानियों (खरीदारों) का गहनता से सत्यापन करने की मांग उठाई है।
इसके अलावा सेब के वजन की व्यवस्था लागू करने के लिए आक्शन यार्ड पर अतिरिक्त स्थान उपलब्ध करवाने, सेब कारोबार के लिए मंडियों के भीतर ही काम करने के लिए लाइसेंस देने और लाइसेंस जारी करने के लिए सिर्फ एक प्राधिकरण तय करने की मांग की है।
हिमाचल प्रदेश आढ़ती महासंघ की कार्यकारिणी का विस्तार
हिमाचल प्रदेश आढ़ती महासंघ की कार्यकारिणी का विस्तार किया गया है। प्रधान हरीश ठाकुर, चेयरमैन दीनानाथ सैनी, मुख्य सलाहकार संजीव बरानटा, वाइस चेयरमैन लालचंद डोगरा, उप प्रधान सुशील ठाकुर, विक्की काल्टा, राजेंद्र चौहान, सचिव पूर्ण स्तान, सह सचिव कृष्ण ठाकुर, मीडिया प्रभारी प्रताप वर्मा और प्रताप चौहान, उदय चौहान, धर्मवीर सूद, रमेश मेहता, अमर मेहता, जगत जनारथपा, कुमार ठाकुर, दौलत राम, कुलदीप तांटा, अमन सूद और जगदीश को सदस्य बनाया गया है।