फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हिमाचल प्रदेश: कांगड़ा एयरपोर्ट विस्तार के लिए 3,349 करोड़ रुपये मंजूर, मार्च तक पूरा होगा भूमि अधिग्रहण

Fri, 28 Aug 2026 05:15 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।

सार

  गगल हवाई अड्डे के लिए करीब 157 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण प्रस्तावित है, जिसमें 26 हेक्टेयर सरकारी और 131 हेक्टेयर निजी भूमि शामिल है। भूमि अधिग्रहण की पूरी प्रक्रिया मार्च 2027 तक पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है। एयरपोर्ट विस्तार से कुल 942 परिवार प्रभावित हुए हैं।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू। - फोटो : आईपीआर विभाग
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

 हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के गगल हवाई अड्डे के विस्तार के लिए 3349 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। परियोजना के लिए करीब 157 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण प्रस्तावित है, जिसमें 26 हेक्टेयर सरकारी और 131 हेक्टेयर निजी भूमि शामिल है। भूमि अधिग्रहण की पूरी प्रक्रिया मार्च 2027 तक पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है। एयरपोर्ट विस्तार से कुल 942 परिवार प्रभावित हुए हैं। विधानसभा में भाजपा विधायकों विपिन सिंह परमार, सुधीर शर्मा, पवन काजल और कांग्रेस विधायक केवल सिंह पठानिया के सवाल का लिखित जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अब तक करीब 122 हेक्टेयर निजी भूमि का अधिग्रहण किया जा चुका है।

विज्ञापन


शेष नौ हेक्टेयर निजी और 26 हेक्टेयर सरकारी भूमि का अधिग्रहण जारी है। निजी भूमि अधिग्रहण के लिए 2579.22 करोड़ रुपये के अवाॅर्ड घोषित किए गए हैं। इनमें से 2283.77 करोड़ रुपये का भू-मुआवजा प्रभावित लोगों को वितरित किया जा चुका है, जबकि 295.45 करोड़ रुपये का भुगतान बाकी है। पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन के तहत 395.87 करोड़ रुपये के अवाॅर्ड घोषित किए गए हैं। इनमें से 178.93 करोड़ रुपये लाभार्थियों को दिए जा चुके हैं, जबकि 216.94 करोड़ रुपये का भुगतान लंबित है। सरकार ने प्रभावित परिवारों को फैक्टर-2 या प्रोजेक्ट वन कंपनसेशन जैसी विशेष मुआवजा नीति देने से इन्कार किया है। प्रभावितों को मुआवजा भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास और पुनर्स्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 के तहत निर्धारित बाजार मूल्य के आधार पर दिया जा रहा है।

65 हेक्टेयर में विकसित होगी एयरोसिटी
मुख्यमंत्री ने बताया कि कांगड़ा में प्रस्तावित एयरोसिटी परियोजना पर भी काम आगे बढ़ रहा है। जुगेहर, भदोत, बांदी खास और बांदी खुर्द में करीब 65 हेक्टेयर भूमि चिह्नित की गई है। इसके भूमि अधिग्रहण की अनुमानित लागत 122.32 करोड़ रुपये है, जो मौजूदा सर्किल रेट के आधार पर आंकी गई है।

रनवे विस्तार की लागत टीईएफआर के बाद होगी तय
गगल हवाई अड्डे के रनवे विस्तार के लिए भूमि अधिग्रहण का कार्य जारी है। भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के मास्टर प्लान के अनुरूप एयरपोर्ट का विस्तार किया जा रहा है। रनवे विस्तार की तकनीकी-आर्थिक व्यवहार्यता रिपोर्ट वैपकॉस लिमिटेड तैयार कर रही है। रिपोर्ट अंतिम रूप लेने के बाद ही रनवे विस्तार की संभावित लागत तय होगी।

गर्मियों में आठ, सर्दियों में पांच उड़ानें
गगल एयरपोर्ट पर वर्तमान में गर्मियों के शेड्यूल के अनुसार प्रतिदिन आठ उड़ानों का आगमन-प्रस्थान होता है। वहीं, सर्दियों के शेड्यूल में प्रतिदिन पांच उड़ानें संचालित होती हैं। एयरपोर्ट विस्तार और प्रस्तावित एयरोसिटी से कांगड़ा में हवाई संपर्क के साथ-साथ पर्यटन और व्यावसायिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
विज्ञापन

चिंतपूर्णी मंदिर में सुगम दर्शन पर्ची से तीन साल में 16.38 करोड़ की आय
 शक्तिपीठ श्री चिंतपूर्णी मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए शुरू की गई सुगम दर्शन पर्ची व्यवस्था मंदिर न्यास के लिए बड़ा राजस्व स्रोत बनकर उभरी है। अगस्त 2023 से जून 2026 तक इस व्यवस्था से मंदिर न्यास को 16 करोड़ 38 लाख 47 हजार 86 रुपये की आय हुई है। वहीं, व्यवस्था के संचालन में सामने आई कुछ अनियमितताओं के मामले में एफआईआर दर्ज कर पुलिस जांच भी जारी है। उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने गुरुवार को विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान ऊना के विधायक सतपाल सिंह सत्ती के सवाल के लिखित जवाब में यह जानकारी दी। विधायक ने पूछा था कि क्या माता श्री चिंतपूर्णी मंदिर में सुगम दर्शन पर्ची व्यवस्था लागू की गई है और इससे अब तक कितनी आय अर्जित हुई है। साथ ही उन्होंने पर्चियों के वितरण में अनियमितताओं की शिकायतों और उस पर हुई कार्रवाई का भी ब्योरा मांगा था। जवाब में सरकार ने बताया कि मंदिर में 8 अगस्त 2023 से सुगम दर्शन पर्ची व्यवस्था लागू की गई थी। इसके तहत वर्ष 2023 में 8 अगस्त से 31 दिसंबर तक 1.43 करोड़ रुपये, वर्ष 2024 में 4.66 करोड़ रुपये, वर्ष 2025 में 6.09 करोड़ रुपये तथा वर्ष 2026 में 1 जनवरी से 30 जून तक 4.19 करोड़ रुपये की आय हुई। इस प्रकार कुल आय 16.38 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। अनियमितताओं के संबंध में सरकार ने स्पष्ट किया कि मंदिर न्यास कार्यालय को इस व्यवस्था को लेकर कोई औपचारिक शिकायत प्राप्त नहीं हुई। हालांकि, मंदिर अधिकारी द्वारा सुगम दर्शन पर्ची सॉफ्टवेयर के निरीक्षण के दौरान कुछ अनियमितताएं सामने आईं। इसके बाद संबंधित मामले में एफआईआर दर्ज करवाई गई, जिसकी जांच पुलिस द्वारा की जा रही है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें