65 हेक्टेयर में विकसित होगी एयरोसिटी
मुख्यमंत्री ने बताया कि कांगड़ा में प्रस्तावित एयरोसिटी परियोजना पर भी काम आगे बढ़ रहा है। जुगेहर, भदोत, बांदी खास और बांदी खुर्द में करीब 65 हेक्टेयर भूमि चिह्नित की गई है। इसके भूमि अधिग्रहण की अनुमानित लागत 122.32 करोड़ रुपये है, जो मौजूदा सर्किल रेट के आधार पर आंकी गई है।
रनवे विस्तार की लागत टीईएफआर के बाद होगी तय
गगल हवाई अड्डे के रनवे विस्तार के लिए भूमि अधिग्रहण का कार्य जारी है। भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के मास्टर प्लान के अनुरूप एयरपोर्ट का विस्तार किया जा रहा है। रनवे विस्तार की तकनीकी-आर्थिक व्यवहार्यता रिपोर्ट वैपकॉस लिमिटेड तैयार कर रही है। रिपोर्ट अंतिम रूप लेने के बाद ही रनवे विस्तार की संभावित लागत तय होगी।
गर्मियों में आठ, सर्दियों में पांच उड़ानें
गगल एयरपोर्ट पर वर्तमान में गर्मियों के शेड्यूल के अनुसार प्रतिदिन आठ उड़ानों का आगमन-प्रस्थान होता है। वहीं, सर्दियों के शेड्यूल में प्रतिदिन पांच उड़ानें संचालित होती हैं। एयरपोर्ट विस्तार और प्रस्तावित एयरोसिटी से कांगड़ा में हवाई संपर्क के साथ-साथ पर्यटन और व्यावसायिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
चिंतपूर्णी मंदिर में सुगम दर्शन पर्ची से तीन साल में 16.38 करोड़ की आय
शक्तिपीठ श्री चिंतपूर्णी मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए शुरू की गई सुगम दर्शन पर्ची व्यवस्था मंदिर न्यास के लिए बड़ा राजस्व स्रोत बनकर उभरी है। अगस्त 2023 से जून 2026 तक इस व्यवस्था से मंदिर न्यास को 16 करोड़ 38 लाख 47 हजार 86 रुपये की आय हुई है। वहीं, व्यवस्था के संचालन में सामने आई कुछ अनियमितताओं के मामले में एफआईआर दर्ज कर पुलिस जांच भी जारी है। उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने गुरुवार को विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान ऊना के विधायक सतपाल सिंह सत्ती के सवाल के लिखित जवाब में यह जानकारी दी। विधायक ने पूछा था कि क्या माता श्री चिंतपूर्णी मंदिर में सुगम दर्शन पर्ची व्यवस्था लागू की गई है और इससे अब तक कितनी आय अर्जित हुई है। साथ ही उन्होंने पर्चियों के वितरण में अनियमितताओं की शिकायतों और उस पर हुई कार्रवाई का भी ब्योरा मांगा था। जवाब में सरकार ने बताया कि मंदिर में 8 अगस्त 2023 से सुगम दर्शन पर्ची व्यवस्था लागू की गई थी। इसके तहत वर्ष 2023 में 8 अगस्त से 31 दिसंबर तक 1.43 करोड़ रुपये, वर्ष 2024 में 4.66 करोड़ रुपये, वर्ष 2025 में 6.09 करोड़ रुपये तथा वर्ष 2026 में 1 जनवरी से 30 जून तक 4.19 करोड़ रुपये की आय हुई। इस प्रकार कुल आय 16.38 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। अनियमितताओं के संबंध में सरकार ने स्पष्ट किया कि मंदिर न्यास कार्यालय को इस व्यवस्था को लेकर कोई औपचारिक शिकायत प्राप्त नहीं हुई। हालांकि, मंदिर अधिकारी द्वारा सुगम दर्शन पर्ची सॉफ्टवेयर के निरीक्षण के दौरान कुछ अनियमितताएं सामने आईं। इसके बाद संबंधित मामले में एफआईआर दर्ज करवाई गई, जिसकी जांच पुलिस द्वारा की जा रही है।