पिछली बार धर्मशाला और सोलन में मेयर का पद महिला के लिए आरक्षित था, जबकि पालमपुर और मंडी में महापौर की सीट अनारक्षित थी। इस बार चारों नगर निगम में मेयर का पद अनारक्षित किया गया है। राज्यपाल की मंजूरी के बाद प्रदेश सरकार ने आदेश की प्रति राज्य चुनाव आयोग, शहरी विकास निदेशालय और संबंधित जिलों के उपायुक्तों एवं नगर निगम आयुक्तों को भेज दी है। हाल ही में हिमाचल में चार नगर निगमों के चुनाव संपन्न हुए हैं। इनमें सोलन, मंडी और धर्मशाला नगर निगम में भाजपा ने स्पष्ट बहुमत हासिल किया है जबकि पालमपुर नगर निगम में कांग्रेस को बढ़त मिली है।
चुनाव परिणामों के बाद अब मेयर पद को अनारक्षित घोषित किए जाने से राजनीतिक गतिविधियां और तेज हो गई है। सभी की नजरें उप महापौर के चयन पर भी टिकी हैं। आरक्षण रोस्टर में मेयर का पद ओपन होने से मेयर बनने के लिए पार्षदों की दावेदारी बढ़ गई है। सोलन, मंडी और धर्मशाला में भाजपा के पार्षद और पालमपुर में कांग्रेस के पार्षद में मेयर बनने के लिए जोर आजमाइश है। दोनों दलों को अपने-अपने बहुमत वाले निगमों में अपनी-अपनी पार्टी के पार्षदों में तालमेल बैठाना होगा, जिससे बगावत की स्थिति न बने।
1. धर्मशाला नगर निगम : निगम बनने के बाद मेयर का पद पहली बार ढाई साल के लिए एससी रिजर्व महिला, फिर ओपन, उसके बाद एसटी रिजर्व, फिर महिला ओपन और अब ओपन हो गया है। यहां पांच बार रोस्टर लग गया है।
2. पालमपुर नगर निगम : नगर निगम बनने के बाद पहले एससी महिला, उसके बाद ओपन और अब तीसरी बार के रोस्टर में यह सीट फिर ओपन है।
3. मंडी नगर निगम : नगर निगम बनने के बाद पहली बार यहां मेयर का पद एससी महिला, दूसरी बार ओपन और अब तीसरी बार भी मेयर का पद ओपन होगा।
4. सोलन नगर निगम : पहली महिला एससी, फिर महिला ओपन और अब तीसरी बार यह पद ओपन हो गया है।