केहर सिंह खाची को कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के करीबी नेताओं में गिना जाता है। खाची प्रियंका गांधी के छराबड़ा स्थित मकान के भी केयरटेकर रहे हैं। मकान के निर्माण के दौरान वह इसके निर्माण कार्य की निगरानी करते रहे हैं। प्रियंका गांधी जब निर्माणाधीन मकान का जायजा लेने छराबड़ा पहुंचती थीं तो खाची उनके साथ मौजूद रहे। वर्ष 2014 के एक हाईकोर्ट मामले के रिकॉर्ड में खाची को प्रियंका गांधी का तत्कालीन स्पेशल पावर ऑफ अटॉर्नी धारक भी बताए गए। केहर सिंह खाची वर्तमान में हिमाचल प्रदेश राज्य वन विकास निगम के उपाध्यक्ष हैं। प्रदेश सरकार ने जून 2024 में उन्हें कैबिनेट मंत्री का दर्जा भी दिया था।
ठियोग में राठौर पर की थी टिप्पणी
खाची ने ठियोग में एक कार्यक्रम के दौरान कुलदीप राठौर को लेकर टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था कि एक समय 11 लोग भी राठौर को नहीं जानते थे। इस बयान के बाद विवाद शुरू हो गया। मामला सामने आने के बाद पार्टी के नेताओं ने भी इस पर प्रतिक्रिया दी।
विक्रमादित्य सिंह ने किया राठौर का बचाव
-लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने खाची की टिप्पणी के बाद राठौर का खुलकर बचाव किया था। उन्होंने राठौर को कांग्रेस का कद्दावर और प्रतिष्ठित नेता बताते हुए कहा था कि उन्होंने एनएसयूआई अध्यक्ष से लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष तक संगठन में विभिन्न जिम्मेदारियां निभाई हैं। उन्होंने कहा था कि प्रदेश में कांग्रेस को सत्ता तक पहुंचाने में संगठनात्मक स्तर पर राठौर का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।