फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

राजभवन पहुंची हिमाचल की सियासी उठापटक, मनकोटिया ने राज्यपाल को लिखा पत्र

Sun, 23 Aug 2020 11:27 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
विज्ञापन
मेजर विजय सिंह मनकोटिया - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

हिमाचल सरकार के कैबिनेट मंत्री के खिलाफ चल रही विजिलेंस जांच के बीच सियासी उठापटक अब राजभवन तक पहुंच गई है। पूर्व कांग्रेस नेता मेजर विजय सिंह मनकोटिया ने राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय को शिकायती पत्र लिखकर मामले में जांच कराने की मांग कर दी है। शुक्रवार को राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय और मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के बीच हुई मुलाकात के बाद अब राजभवन को शिकायत मिलने से मंत्री की मुश्किलें और बढ़ना तय हो गया है। 

विज्ञापन


दरअसल, मनकोटिया की तरफ से भेजी गई शिकायत में मंत्री के खिलाफ भ्रष्टाचार से जुड़े कई संगीन आरोप लगाए गए हैं। कहा गया है कि मंत्री ने अपने करीबी रिश्तेदारों के नाम पर करोड़ों की जमीन को खरीदा है। साथ ही अपने करीबियों को डमी के तौर पर आगे कर उनके नाम पर भी बेनामी सौदे किए हैं। मनकोटिया ने राज्यपाल से मांग की है कि वह इस मामले में दखल देते हुए कार्रवाई करें।

चूंकि इसी मंत्री के खिलाफ प्रधानमंत्री कार्यालय तक शिकायत पहले ही पहुंच चुकी है और इसी वजह से प्रदेश विजिलेंस की धर्मशाला इकाई ने पहले ही मामले में जांच शुरू कर दी है। ऐसे में माना जा रहा है कि मंत्री की मुश्किलें बढ़ना तय है। उल्लेखनीय है कि अमर उजाला ने एक मंत्री के खिलाफ करोड़ों की जमीन खरीद की शिकायत की विजिलेंस जांच शुरू होने की खबर प्रकाशित की थी। इसके अगले ही दिन मंत्री दिल्ली के लिए रवाना हो गए थे। 
विज्ञापन


मंत्री का जल्द हो सकता है इस्तीफा
 मंत्री पिछले तीन दिन से दिल्ली में हैं लेकिन उन्हें केंद्रीय नेतृत्व के किसी भी नेता से मुलाकात करने का समय नहीं मिल पा रहा है। कहा जा रहा है कि मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा से हुई मुलाकात के दौरान मामले में पूरी स्थिति पहले ही स्पष्ट कर दी थी। ऐसे में इस बात के संकेत मिल रहे हैं कि मंत्री का जल्द ही इस्तीफा हो सकता है।

मंजूरी के बाद शुरू होगी नियमित जांच 
फिलहाल विजिलेंस की धर्मशाला इकाई ने शिकायत का डिस्ट्रिक्ट वेरिफिकेशन कर लिया है और स्टेट विजिलेंस मुख्यालय भेज दिया है। सूत्रों का कहना है कि अगर सरकार ने अनुमति दी तो मामले में नियमित जांच या एफआईआर की प्रक्रिया शुरू कर सकती है। 

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें