बागी विधायकों पर आरोप है कि भाजपा के राज्यसभा प्रत्याशी के पक्ष में व्हिप जारी होने के बावजूद वोटिंग की। इसके अलावा बजट पारित करने के दौरान व्हिप जारी होने के बावजूद ये सदन से गैर हाजिर रहे। बागी हुए कांग्रेस विधायकों में राजेंद्र राणा, सुधीर शर्मा, रवि ठाकुर, देवेंद्र कुमार भुट्टो, इंद्रदत्त लखनपाल और चैतन्य शर्मा के नाम शामिल हैं।
छह विधायकों की सदस्यता रद्द किए जाए पर हिमाचल प्रदेश के मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि अभी मेरा इस पर कुछ भी कहना उचित नहीं है। हमारे पर्यवेक्षक यहां आए हैं, उन्होंने परिस्थिति को देखा है और फिर स्पीकर ने फैसला लिया है, इसलिए मेरा इसपर कुछ कहना उचित नहीं है। इस्तीफे पर उन्होंने कहा कि मामला हाईकमान के ध्यान में लाया गया है। अभी वे पर्यवेक्षक से मिलेंगे और इसके बाद आगामी फैसला लिया जाएगा।
हिमाचल प्रदेश के मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि पर्यवेक्षक यहां आए हैं और चीजें ठीक करने की कोशिश कर रहे हैं। हम उनसे फिर बात करेंगे कि कैसे चीजों को ठीक करना है, हिमाचल देवभूमि है और हम प्रभु राम का भी आशीर्वाद लेकर आए हैं। सबका आशीर्वाद साथ है तो जो होगा अच्छा होगा।
सीएम ने विधायक, मंत्रियों को दिया ब्रेकफास्ट
मुख्यमंत्री ने अपने सरकारी आवास पर गुुरुवार सुबह कांग्रेस के विधायकों और मंत्रियों को ब्रेकफास्ट दिया।