हिमाचल प्रदेश में पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि उन्होंने खुद ही ऐसी स्थिति पैदा कर दी है जिससे सवाल उठने लगे है कि क्या अब सरकार रहेगी। उन्होंने कहा कि हम यहां बैठे हैं, हम कुछ नहीं कर रहे हैं। हम सतर्क हैं।
हिमाचल प्रदेश में राज्य सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने के सवाल पर हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि हम अपने कामकाज में व्यस्त हैं। जो कुछ भी हो रहा है उनके बीच में ही हो रहा है। इसके लिए उनके अलावा कोई और नहीं वे स्वयं जिम्मेदार हैं।
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राज्य सरकार के बारे में हिमाचल प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि मेरे हिसाब से सरकार रहेगी तो चलेगी नहीं। उन्होंने खुद ही ऐसी स्थिति पैदा कर दी है जिससे सवाल उठता है कि क्या सरकार रहेगी।
उन्होंने कहा कि हम यहां बैठे हैं, हम कुछ नहीं कर रहे हैं। जो राजनीतिक घटनाक्रम हो रहा है, उसे लेकर हम सतर्क हैं। लेकिन सरकार बचाने के लिए अनैतिक और गलत तरीके अपनाए गए हैं, छह कांग्रेस विधायकों की अयोग्यता घोषित कर दिया गया। जल्दबाजी में लिए गए कुछ फैसलों ने राज्य भर में सीएम की छवि को प्रभावित किया है। उन्हें यह समझना चाहिए।
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छह कांग्रेस विधायकों के अयोग्य ठहराए जाने के बाद जयराम ठाकुर ने सीएम सुक्खू पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यह कहा जा रहा है कि अगर वे वापस आना चाहते हैं तो उनका स्वागत है। इससे बड़ा कोई मजाक नहीं हो सकता है। सीएम को ये समझ नहीं आ रहा कि क्या कहा जा रहा है। अब ऐसे हालात हैं कि उन्हें डर लग रहा है कि सरकार चली जाएगी, विधायक उनका साथ छोड़ रहे हैं।
हिमाचल प्रदेश में राजनीतिक स्थिति ऐसी है कि कांग्रेस आलाकमान कुछ भी कहे, चीजें अभी तक ठीक नहीं हुई हैं और ऐसा होने की कोई संभावना नहीं है। आपको बता दें कि 2022 के विधानसभा चुनावों के बाद 68 सदस्यीय राज्य विधानसभा में कांग्रेस के पास 40 विधायक थे, जबकि भाजपा के पास 25 विधायक थे।
बाकी तीन सीटों पर निर्दलीयों का कब्जा है। छह बागी विधायकों को अयोग्य ठहराए जाने के साथ की सदन में विधायकों की संख्या 68 से घटकर 62 हो गई है। छह विधायकों के नुकसान के साथ कांग्रेस के पास अब 34 विधायक हैं, और निर्दलीय विधायकों के साथ भाजपा के पास 28 विधायक हैं। कांग्रेस की किस्मत अब अपने बाकी विधायकों को एक साथ रखने की उसकी क्षमता पर निर्भर करेगी।
बागी वापस आना चाहे तो स्वागत है : सुक्खू
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि बागी विधायक वापस आना चाहें तो उनका स्वागत है। बृहस्पतिवार शाम को ओकओवर शिमला में प्रेसवार्ता करते हुए सुक्खू ने कहा कि राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस के अधिकृत प्रत्याशी के खिलाफ क्रॉस वोटिंग करने वाले छह विधायक हमारे भाई हैं। इनकी गलती माफ की जा सकती है। दो विधायकों की पत्नियों ने घर में आकर मुझसे बात भी की है लेकिन विधायक अभी हिमाचल से बाहर हैं, उनके पास फोन भी नहीं है। मेरी कमी रही कि मैं शराफत में रह गया। पूरे घटनाक्रम में खुफिया तंत्र का भी फेलियर रहा है। मुख्यमंत्री ने कांग्रेस प्रत्याशी अभिषेक मनु सिंघवी की हार की जिम्मेवारी भी ली। चुनाव टाई हुआ था। पर्ची से भाजपा को सीट मिली है।
षड्यंत्र के तहत मेरे इस्तीफे की बात फैलाई
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि षड्यंत्र के तहत मेरे इस्तीफे की बात की अफवाह तक फैलाई गई, ताकि बजट पारित करते हुए वोटिंग के दौरान हमारी संख्या कम हो जाए।भाजपा किस आधार पर सरकार बनाने का प्रयास कर रही, यह समझ से परे है। इनके पास 25 विधायक हैं। राज्यसभा चुनाव में निर्दलीय विधायक भाजपा के साथ ही जाने थे। भाजपा ने मतदान केंद्र में माहौल खराब किया। विस परिसर में बैरिकेड्स तोड़े। सीआरपीएफ के साथ आए। शिमला में दिन भर हरियाणा के हेलिकाप्टर मंडारते रहे। बागी विधायक अगर सदन में आ जाते तो उन्हें कोई डर नहीं था, उनकी तो डिसक्वालीफिकेशन भी नहीं हुई थी। उनके अपने अंदर डर था, इसी कारण से हरियाणा में रुके हैं। जनता के वोट से जीतकर आने के बाद जो विधायक बिक गए हैं, उन्हें जनता सबक सिखाएगी। हमारी सरकार पूरे पांच साल चलेगी।