आने वाले दिनों में देश के लिए सामरिक दृष्टि से अति महत्वपूर्ण होने वाली 8.8 किलोमीटर लंबी अटल रोहतांग टनल की सुरक्षा को लेकर हिमाचल पुलिस ने कसरत शुरू कर दी है। पुलिस मुख्यालय ने पांच अधिकारियों का बोर्ड गठित किया है, जो टनल की राउंड द क्लॉक सुरक्षा, कानून व्यवस्था और यातायात प्रबंधन का अध्ययन करेगा। सुरक्षा व्यवस्था को अंतिम रूप देने से पहले हिमाचल पुलिस का यह बोर्ड जम्मू-कश्मीर के जवाहर टनल (बनिहाल) और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी टनल (चेनानी-नशरी) की सुरक्षा व्यवस्था देखेगा। इसी अध्ययन के आधार पर हिमाचल पुलिस टनल की सुरक्षा के लिए सुरक्षा कर्मियों की तैनाती करेगी।
अधिकारियों के बोर्ड की अध्यक्षता आईजी सीआईडी सुरक्षा दलजीत कुमार ठाकुर करेंगे। डीआईजी सेंट्रल रेंज मंडी मधुसूदन, एसपी कुल्लू गौरव सिंह, एसपी लाहौल-स्पीति राजेश धर्माणी और आईबी का एक प्रतिनिधि सदस्य के तौर पर शामिल किए गए हैं। बोर्ड टनल और हिमाचल के हिस्से के पूरे मनाली-लेह रोड की सुरक्षा को खतरे का असेसमेंट करेगा। इसके अलावा हर दिन पर्यटकों, सामान्य लोगों और सेना के वाहनों के मूवमेंट की प्रतिदिन निगरानी के आधार पर टनल के दोनों ओर दस-दस किलोमीटर के इलाके लिए स्विस एल्प्स, चीन, जपान और पाकिस्तान की तरह ट्रैफिक लोड और उसके संचालन का भी निर्धारण करेगा। बोर्ड 14 सितंबर से पहले अपनी रिपोर्ट पुलिस मुख्यालय को सौंपेगा। उसके आधार पर ही सुरक्षा का खाका बनाया जाएगा।
सेना के लिए अहम है यह मार्ग
डीजीपी संजय कुंडू ने कहा कि टनल के शुरू होने के बाद मनाली लेह रूट के 46 किलोमीटर कम होने की वजह से लद्दाख में तैनात भारती सेना की सप्लाई और लॉजिस्टिक्स के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण होगा। और लाहौल-स्पीति के अनछुए इलाकों में भी पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। ऐसे में इसकी सुरक्षा को फुलप्रूफ बनाने के लिए उचित कदम उठाए जा रहे हैं।