हिमाचल प्रदेश पुलिस भी आज से हाईटेक हो जाएगी। गाड़ियों से लेकर पासपोर्ट बनाने के दस्तावेजों का वेरिफिकेशन अब ऑनलाइन हो जाएगा। धरने प्रदर्शन की परमिशन भी ऑनलाइन मिलेगी। इससे जहां पुलिस का समय बचेगा वहीं, लोगों का काम भी आसान हो जाएगा।
इसके अलावा एफआईआर का स्टेट्स, होटल, ट्रैफिकिंग, सी फार्म समेत पब्लिक से जुड़ीं कई सुविधाएं ऑनलाइन होंगी। फिलहाल ये सुविधा शिमला में उपलब्ध होगी। अप्रैल के बाद यह सुविधा प्रदेश के सभी जिलों में मिलेगी।
बुधवार को मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह सीसीटीएनएस के इस पायलट प्रोजेक्ट को लांच करेंगे।
देश का पहला राज्य बनेगा हिमाचल
पुलिस विभाग ने केंद्रीय गृह मंत्रालय के क्राइम क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम (सीसीटीएनएस) के तहत फिलहाल शहर के पांच थानों को जोड़ा है। इनमें छोटा शिमला, बालूगंज, न्यू शिमला, सदर और ढली शामिल है।
थानों का रिकॉर्ड थाने के जांच अधिकारी से लेकर डीजीपी तक एक क्लिक में देख पाएंगे। संबंधित मामले में उच्चाधिकारी चाहें तो निर्देश भी उसी में दे सकते हैं। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह बुधवार को पुलिस मुख्यालय के समीप सीआईडी मुख्यालय के भवन की भी आधारशिला रखेंगे।
प्रदेश पुलिस प्रमुख संजय कुमार ने कहा कि हिमाचल प्रदेश संभवत: देश का पहला राज्य है, जिसने सीसीटीएनएस के तहत इतना कार्य किया है।
बाकी थानों में जल्द होगा लागू
उन्होंने कहा कि शीघ्र ही बाकी थानों को भी इससे जोड़ दिया जाएगा। 18 करोड़ से अधिक के इस प्रोजेक्ट के तहत 9 हजार पुलिस अधिकारियों और जवानों को ट्रेंड किया जाएगा। इनमें से 5 हजार को ट्रेंड किया जा चुका है।
हिमाचल में पुलिस के करीब 101 थाने हैं। इनमें ये सिस्टम लागू किया जाना है। लोगों को इससे काफी फायदा होगा। धरने की अनुमति ऑनलाइन देख पाएंगे। इसके अलावा अपनी एफआईआर का स्टेटस भी ऑनलाइन मिलेगा। हिमाचल के ज्यादातर थानों को पहले ही इंटरनेट सेवा से जोड़ा गया है। ऐसे में ये नई सेवा काफी कारगर साबित हो सकती है।