हिमाचल प्रदेश पुलिस (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
दूसरी लहर में कोरोना संक्रमण के बढ़ने के साथ ही हिमाचल प्रदेश पुलिस पर एक बार फिर जिम्मेदारी बढ़ गई है। प्रदेश पुलिस कोरोना कर्फ्यू लागू करने के साथ प्रदेश के अंदर बन रही ऑक्सीजन को बनाने वाले प्लांटों की सुरक्षा के अलावा रेमडिसिविर, डेक्सामेथासोन जैसी मौजूदा समय की अति महत्वपूर्ण दवाओं को बनाने वाली यूनिटों की भी सुरक्षा में तैनात है।
पुलिस मुख्यालय के प्रवक्ता ने बताया कि इस सारी प्रक्रिया के लिए सभी जिलों की पुलिस की मदद के लिए विभिन्न बटालियनों से करीब 15 सौ पुलिसकर्मी और 800 होमगार्ड जवानों को तैनात किया गया है। उत्तर भारत के सबसे बड़े ऑक्सीजन प्लांट आईनॉक्स में बनने वाली 120 मीट्रिक टन ऑक्सीजन को प्रतिदिन अलग-अलग राज्यों को सप्लाई के दौरान भी हिमाचल पुलिस सुरक्षित परिवहन की जिम्मेदारी निभाती रहती है।
वर्तमान में इस प्लांट से हिमाचल प्रदेश की 35 से 40 टन की जरूरत में अहम योगदान देते हुए 15 टन सप्लाई कर रही है, जबकि चंडीगढ़ और दिल्ली को प्रतिदिन 20-20 टन, पंजाब को 60 टन और जम्मू कश्मीर को 15 टन ऑक्सीजन सप्लाई की जा रही है। हिमाचल के आठ प्लांट जहां सिलिंडर वाली ऑक्सीजन बन रही है। हिमाचल पुलिस लगातार दवाओं और ऑक्सीजन की सप्लाई चेन और ऑक्सीजन निर्माण यूनिटों को सुरक्षा मुहैया करा रही है।