डीजीपी मरडी ने कहा कि विभाग को लोगों के लिए इतना सुविधाजनक बनाया जाएगा कि आम आदमी को न्याय मिल सके। विभाग में प्रोफेशनलिज्म को बढ़ाया जाएगा और कानून व्यवस्था पुख्ता की जाएगी, क्योंकि प्रदेश में कानून व्यवस्था बनाए रखना उनकी जिम्मेदारी है और वह इस पर खरा उतरने का प्रयास करेंगे।
सरकार की नीति के अनुसार पुलिस कारगर तरीके से उस पर काम करेगी। उन्होंने कहा कि महिला अपराध रोकने और उसकी जांच व अपडेट के लिए पहले ही मुख्यमंत्री खुद गुड़िया हेल्पलाइन और अन्य अपराधों के लिए अटल व होशियार सिंह हेल्पलाइन का एलान कर चुके हैं। बकौल मरडी, हिमाचल पुलिस देश की सबसे अच्छी पुलिस फोर्स में से एक है।
डीजीपी मरडी ने कहा कि सभी तरह के अपराधों से निपटने के लिए एक काम्पैक्ट रणनीति तैयार की जाएगी और उसी के अनुसार पुलिस आगे काम करेगी। व्हाट्सएप जैसे सोशल मीडिया टूल की मदद से लोगों की छोटी शिकायतों को दर्ज कर उन्हें सोशल मीडिया के जरिये ही सुविधा प्रदान करने का प्रयास करेंगे। साथ ही सोशल मीडिया के बढ़ते दायरे के साथ ही बढ़ते साइबर अपराध से निपटने के लिए ठोस कदम उठाएंगे।
वहीं डीजीपी पद से हटाए गए सोमेश गोयल मौजूद नहीं रहे। फिलहाल वह डीजी कांफ्रेंस में हिस्सा लेने के लिए मध्य प्रदेश के बीएसएफ ट्रेनिंग सेंटर टेकनपुर गए हुए हैं। अब लौटने के बाद वह डीजी जेल के तौर पर पदभार ग्रहण करेंगे।
गौरतलब है कि गुड़िया प्रकरण के बाद से तलवार की धार पर चल रहे डीजीपी सोमेश गोयल को आखिरकार सरकार ने हटा ही दिया। उनकी जगह डीजी होमगार्ड रहे सीताराम मरडी को सूबे का नया पुलिस महानिदेशक बनाया गया है।
सरकार के गठन के बाद से ही गोयल को हटाने की कयासबाजी चल रही थी। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से मुख्यमंत्री कार्यालय में ही केक कटवाने के बाद गोयल के तबादले को लेकर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई थीं। हालांकि सरकार ने तमाम कयासों को धता बताते हुए आखिरकार सोमेश गोयल की डीजीपी के पद से छुट्टी कर दी।