पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी ने कहा है कि हिमाचल प्रदेश में पुलिस विभाग ने नशे, भ्रष्टाचार और यातायात उल्लंघन के मामलों को लेकर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है। तकनीक-आधारित निगरानी, सख्त कानूनी कार्रवाई और व्यापक जन-जागरूकता अभियान के माध्यम से नशे, भ्रष्टाचार और यातायात उल्लंघन पर अंकुश लगाया जा रहा है। मुख्य सचिव संजय गुप्ता को पुलिस विभाग की डीजीपी ने मुख्य सचिव को बताई हिमाचल पुलिस की प्राथमिकताएं, चुनौतियां प्राथमिकताओं की जानकारी देते हुए गुरुवार को पुलि स महानिदेशक अशोक तिवारी ने यह बात कही। मुख्य सचिव संजय गुप्ता ने पुलिस मुख्यालय और राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो का दौरा किया।
प्रदेश पुलिस मुख्यालय के बाहर रेड कॉपरेट बिछाकर सलामी के साथ मुख्य सचिव का स्वागत किया गया। इस दौरान उन्होंने पुलिस विभाग में चल रहे सुधारों, प्रशासनिक प्रक्रियाओं और आधुनिकीकरण के प्रयासों की समीक्षा की। डीजीपी अशोक तिवारी ने मुख्य सचिव को पुलिस बल के समक्ष चुनौतियों से भी अवगत करवाया। बताया कि प्रदेश की कठिन भौगोलिक परिस्थितियां, सीमित संसाधन, साइबर अपराध और नशा तस्करी से निपटना हिमाचल पुलिस के लिए बड़ी चुनौती है। मुख्य सचिव ने पुलिस विभाग को सरकार की ओर से पूरा सहयोग देने का आश्वासन दिया।