कोटखाई के गुड़िया प्रकरण से धूमिल हुई पुलिस की छवि को लेकर महकमा बेहद संजीदा हो गया है। प्रदेश के डीजीपी ने पुलिस की छवि में सुधार पर जोर दिया है। शुक्रवार को डीजीपी सोमेश गोयल ने कहा कि प्रदेश में महिला, बच्चे एवं आम जनता को सेवाएं देने के लिए हिमाचल पुलिस अपने आप में व्यापक सुधार लाएगी।
गोयल शुक्रवार को पुलिस मुख्यालय में पुलिस रिफॉर्म्स डे पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कोटखाई प्रकरण में हिमाचल पुलिस की छवि खराब होने की बात स्वीकारते हुए कहा लॉकअप में पूछताछ के दौरान किसी की हत्या होना भी बेहद दुखद है। हिमाचल पुलिस इन गलतियों से सबक लेगी।
भविष्य में इस तरह की गलतियों के पुनरावृत्ति नहीं होने दी जाएगी। हिमाचल पुलिस अपने जांच तंत्र को सीबीआई की तर्ज पर विकसित करने की भी व्यवस्था सुनिश्चित करेगी। उन्होंने पुलिस की कार्यप्रणाली पर उंगली उठाने के बाद जवाब में कहा कि हिमाचल पुलिस पिछले कुछ महीनों में बुरे दौर से गुजरी है। इसमें सुधार लाने की सख्त जरूरत है। गोयल ने कहा कि पुलिस में व्यवहार और नजरिए में सुधार लाने के लिए उनकी टीम बेहतर कदम उठाएगी।
कार्यक्रम में कई एनजीओ के अलावा पूर्व पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों ने भाग लिया। इस दौरान सभी प्रतिनिधियों द्वारा उठाए गए सवालों के जवाब में गोयल ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार देश के सभी राज्यों में राज्य सुरक्षा आयोग का भी गठन होना है। प्रदेश में वारदातों के बाद कई बार एफआईआर दर्ज न होने की शिकायतें भी आती हैं जिनपर कार्रवाई की जाती है।
पुलिस कर्मी को किसी भी दबाव में नहीं आना चाहिए। उन्होंने सभी थानों के प्रभारी एवं आईओ को सख्त निर्देश दिए हैं कि वारदात की सूचना मिलने पर तुरंत एफआईआर दर्ज कर जांच करें। डीजीपी ने हैरानी जताई कि पुलिस कर्मचारी अपने तबादले के लिए सिफारिश लेकर आते हैं। उन्होंने कहा कि आज सभी तबादले पुलिस स्थापना बोर्ड की सिफारिश से होते हैं। ऐसे में बोर्ड की बैठक समय-समय पर होनी चाहिए।
धवन ने पुलिस की कार्यशैली पर उठाए सवाल
चर्चा के दौरान डीआईजी सीआईडी डा. विनोद कुमार धवन ने पुलिस रिफॉर्म्स पर उंगली उठाई। कहा कि पुलिस वाले संविधान के मुताबिक कार्य करने में कहीं न कहीं फेल होते दिख रहे हैं। पुलिस रिफॉर्म्स एक्ट- 2006 में बना, लेकिन अभी तक सुधार नजर नहीं आया। हमें संविधान एवं कानून की रक्षा करनी चाहिए।
इस दौरान पूर्व भारतीय प्रशासनिक सेवा अफसर श्रीनिवास जोशी, नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी के वरिष्ठ प्रोफेसर गरजेश शुक्ला, भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान के फेलोकशिप डा. आनंद, कहानीकार एसआर हरनोट, नगर निगम शिमला के पूर्व महापौर संजय चौहान सहित वर्तमान पार्षदों ने भी पुलिस सुधार के लिए सुझाव दिए।